रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Assembly Election 2019 भाजपा झारखंड में अपने सहयोगी आजसू का कद किसी भी हाल में बढऩे नहीं देगी। महाराष्ट्र से मिले सबक को इसकी वजह बताया जा रहा है। यही वजह है कि सीटों के तालमेल को लेकर भाजपा के स्तर से यह स्पष्ट संदेश आजसू को दिया जा चुका है। हालांकि प्रत्यक्ष में भाजपा आजसू को अपना विश्वसनीय सहयोगी बता रही है।

बताया जा रहा है कि भाजपा ने अधिकतम 10 सीटें देने की पेशकश आजसू को कर दी है। संभव है इसमें एक और सीट का इजाफा कर दिया जाए। पिछली बार आजसू के खाते में आठ सीटें आई थीं। इसके साथ ही भाजपा की ओर से यह भी साफ कर दिया है कि चंदनक्यारी और लोहरदगा सीट से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि आजसू को इन शर्तों के साथ गठबंधन में रहना है तो ठीक नहीं, नहीं तो वह अपना रास्ता देख सकता है।

भाजपा ने आजसू को पटरी पर आने के लिए शनिवार शाम तक की मियाद भी तय कर दी है। बताया जा रहा है कि गुरुवार को भाजपा सांसदों ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा को अपनी इस राय से अवगत करा दिया कि पार्टी को आजसू के दबाव में नहीं आना चाहिए। नड्डा ने सांसदों का पैगाम राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तक रात तक ही पहुंचा दिया।

बता दें कि सीटों की संख्या से इतर भाजपा आजसू में चंदनक्यारी और लोहरदगा सीट को लेकर जिच की स्थिति बनी हुई है। कभी इन दोनों ही सीटों पर आजसू काबिज थी। अब दोनों भाजपा के पाले मेंं आ चुकी हैं। लोहरदगा से कांग्रेेस विधायक सुखदेव भगत भाजपा में शामिल हो चुके हैं। जबकि चंदनक्यारी से झाविमो के टिकट पर चुने गए अमर बाउरी पाला बदलकर भाजपा में काफी पहले ही आ गए थे।

भाजपा ये सीटें आजसू को देने को है राजी

सिल्ली, रामगढ़, जुगसलाई, तमाड़, टुंडी, बड़कागांव, ईचागढ़, हुसैनाबाद, डुमरी और गोमिया।

Posted By: Alok Shahi

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