रांची, राज्य ब्यूरो। महाराष्ट्र के बाद झारखंड में भी एनडीए में टूट हो गई है। भाजपा और आजसू के बीच बढ़ती तल्खी अंतत: उस मुकाम तक पहुंच गई है जिसकी आशंका व्यक्त की जा रही थी। सर्वाधिक जिच वाली सीटों पर भी दोनों दलों की ओर से प्रत्याशी घोषित हो जाने के बाद अब दोनों के बीच गठबंधन के अबतक खुले रखे गए विकल्प के रास्ते भी बंद हो गए हैं। अब यह लगभग तय हो चला है कि विधानसभा चुनाव में दोनों दलों की राहें जुदा-जुदा होंगी और इसकी औपचारिक घोषणा भर शेष रह गई है।

सूत्रों की मानें तो सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर भाजपा के तमाम प्रयासों के बावजूद आजसू अपने रुख से पीछे हटने को तैयार नहीं दिखा। हालांकि गठबंधन टूटने को लेकर अभी दोनों दल खुलकर बोलने से बच रहे हैं। गुरुवार दोपहर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार बलमुचू के आजसू में शामिल होने के साथ ही यह तय हो गया था कि गठबंधन की आस टूट गई है और बलमुचू घाटशिला से आजसू के उम्मीदवार होंगे। शाम तक भाजपा ने भी आजसू पर काउंटर अटैक करते हुए हुसैनाबाद से विनोद कुमार सिंह को भाजपा समर्थित उम्मीदवार घोषित कर दिया।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री दीपक प्रकाश यह घोषणा की। इतना ही नहीं दोनों दलों के बीच सर्वाधिक जिच के कारण होल्ड पर रखी गई चंदनकियारी सीट पर भी भाजपा ने अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी। इससे पहले लोहरदगा और छतरपुर में पहले से ही दोनों पार्टियां आमने-सामने हैं। माना जा रहा है कि भाजपा और आजसू के बीच तलाक का प्लॉट दो दिन पूर्व ही तैयार हो गया था। बुधवार को भाजपा की ओर से सुलह का एक अंतिम प्रयास किया गया लेकिन आजसू बैकफुट पर जाने को तैयार नहीं दिखी।

गठबंधन पर कुछ भी बोलने से बचे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री रघुवर दास शाम छह बजे भाजपा के प्रदेश कार्यालय में मीडिया से मुखातिब हुए। राफेल को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आधार बनाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। राहुल गांधी को देश की जनता से माफी मांगने को भी कहा। लेकिन प्रदेश में भाजपा-आजसू गठबंधन को लेकर किसी भी तरह की टिप्पणी से बचे। कहा, निर्णय केंद्रीय नेतृत्व लेगा।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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