खास बातें

  • झारखंड में चुनाव कराने छत्तीसगढ़ से आए हैं सीआरपीएफ की 226वीं बटालियन के जवान
  • आपसी फायरिंग में सीआरपीएफ के कमांडेंट और एएसआई की मौत, चार जवान घायल
  • खाने के दौरान अफसरों और जवानों के बीच हुई फायरिंग, बोकारो के कुर्कनाला में हुई घटना

राज्य ब्यूरो, रांची/बोकारो। Jharkhand Assembly Election 2019 झारखंड में दूसरे चरण का चुनाव संपन्न करा लौट रहे सुरक्षाबल के जवानों ने सोमवार को अपने ही तीन अफसरों की जान ले ली। बोकारो के गोमिया स्थित कुर्कनाला में भोजन की बात को लेकर हुए विवाद में जवानों ने अपने अफसरों पर ही फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में असिस्टेंट कमांडेंट समेत दो अधिकारियों की मौत हो गई, जबकि चार जवान घायल हो गए। रांची में छुट्टी के विवाद में सुरक्षा बल के एक जवान ने अपने कंपनी कमांडिंग अफसर को गोलियों से भूनने के बाद खुद को भी गोली मार आत्‍महत्‍या कर ली। 

यहां नक्सली हमला समझकर जवानों द्वारा फायरिंग किये जाने की भी बात कही जा रही है। घायल दो जवानों का रांची में और दो का बोकारो में इलाज चल रहा है। मामूली बात पर हुए खूनी संघर्ष की इन घटनाओं ने सुरक्षाबलों के भीतर व्याप्त तनाव और असंतोष की भी कहानी कह दी। सुरक्षाबलों की दोनों ही टुकड़‍ियां छत्तीसगढ़ से झारखंड में चुनाव कराने आई हैं और दोनों ही चाईबासा में चुनाव संपन्न कराने के बाद अगले चरण के चुनाव के लिए अलग-अलग जिलों की ओर जा रही थीं।

सोमवार सुबह रांची स्थित खेलगांव परिसर में ठहरे छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (सीएएफ) के अस्थायी कैंप में हुई। यहां कमांडेंट से शिकायत किये जाने से नाराज फोर्स के कांस्टेबल विक्रम आदित्य राजवाड़े ने अपने कंपनी कमांडर इंस्पेक्टर मेला राम कुर्रे को इंसास रायफल से भून डाला। इसके बाद आदित्य ने खुद को भी गोली मार ली। इस घटना में कमांडर और जवान की मौके पर ही मौत हो गई।

मेला राम छत्तीसगढ़ के रायपुर के निवासी थे, जबकि विक्रम आदित्य राजवाड़े सूरजपुर का रहने वाला था। गोलियां चलने के दौरान दीवार से टकराते हुए कुछ गोलियां छिटक कर दो अन्य जवानों नंदकिशोर कुशवाहा और वेणुधर धु्रव को भी लगीं। ये दोनों जवान घायल हैं। रांची के सिटी एसपी सौरभ ने बताया कि जवान ने इंसास से पूरी 20 राउंड गोलियां चलाईं। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है, जल्द ही कारणों का खुलासा होगा। 

सुरक्षाबल के जवानों ने अपने ही तीन अफसरों को भूना

चाईबासा से द्वितीय चरण का चुनाव संपन्न कराकर लौट रहे सीआरपीएफ के जवान और अधिकारी बोकारो के गोमिया स्थित कुर्कनाला में आपस में ही भिड़ गए। सुरक्षा बलों के जवानों की आपसी फायरिंग में असिस्टेंट कमांडेंट समेत 2 अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं चार जवान घायल हो गए। घायल जवानों में दो को इलाज के लिए रांची लाया गया है। वहीं दो का इलाज बोकारो में चल रहा है। इससे पहले रांची के खेलगांव सीआरपीएफ कैंप में छत्‍तीसगढ़ आर्म्ड फोर्सेज के एक जवान ने छुट्टी के विवाद में अपने एक अफसर पर अंधाधुंध फायरिंग कर उसकी जान ले ली। बाद में जवान ने खुद भी गोली मारकर आत्‍महत्‍या कर ली। 

बताया गया है कि बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड के कुर्कनालो उच्च विद्यालय और मध्य विद्यालय में सीआरपीएफ की 226वीं बटालियन को ठहराया गया था। करीब दो बजे जवान विद्यालय में पहुंचे थे। रात में करीब 8.30 में खाना खाने को लेकर दोनों विद्यालयों में ठहरे जवानों में विवाद हो गया। इसके बाद उच्च विद्यालय में ठहरे जवानों ने मध्य विद्यालय के जवानों पर गोली बरसाना शुरू कर दिया। फिर दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई। गोलीबारी में सीआरपीएफ के दो अधिकारियों, असिस्टेंट कमांडेंट साहुल अहसन और एएसआइ पूर्णानंद भुइयां की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि गोली लगने से घायल दो कांस्‍टेबल उपेंद्र यादव और हरिश्चंद्र गोखले को रात 12 बजे हेलीकॉप्‍टर से इलाज के लिए मेडिका, रांची लाया गया है। गोलीबारी में घायल दो और जवानों खुखलरी और दीपेंद्र कुमार का इलाज बोकारो अस्‍पताल में ही चल रहा है।

गोमिया में भोजन की बात पर शुरू हुआ था विवाद

सुरक्षाबलों के आपसी खूनी संघर्ष की दूसरी घटना सोमवार रात बोकारो जिले के गोमिया स्थित कुर्कनाला में हुई। चाईबासा से द्वितीय चरण का चुनाव संपन्न कराकर लौट रहे सीआरपीएफ 226वीं बटालियन के जवान और अधिकारी यहां एक स्कूल में ठहरे थे, जहां जवानों में भोजन की बात को लेकर विवाद बढ़ा और आपस में फायरिंग शुरू हो गई। फायरिंग में सीआरपीएफ के दो अधिकारियों असिस्टेंट कमांडेंट साहुल अहसन और एएसआइ पूर्णानंद भुइयां की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार जवान घायल हो गए। गोली लगने से घायल दो कांस्टेबल उपेंद्र यादव और हरिश्चंद्र गोखले को इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रांची भेजा गया है। दो घायल जवानों खुखलरी और दीपेंद्र कुमार का इलाज बोकारो में चल रहा है।

रांची में जवान ने कंपनी कमांडर को इंसास से भूना, खुद को भी मारी गोली

रांची खेलगांव परिसर में ठहरे छत्तीसगढ़ आर्म्‍ड फोर्स (सीएएफ) की कंपनी का अस्थायी कैंप सोमवार की सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा। कांस्टेबल विक्रम आदित्य राजवाड़े ने अपने कंपनी कमांडर इंस्पेक्टर मेला राम कुर्रे को इंसास रायफल से भून डाला। फिर, आदित्य ने खुद भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना सुबह करीब 6:15 बजे की है। इस दौरान गोलियों की बौछार के बीच पूरे परिसर में दहशत का माहौल रहा। गोली लगने के बाद कमांडर और जवान की मौके पर ही मौत हो गई। मेला राम छत्तीसगढ़ के रायपुर के निवासी थे, जबकि विक्रम आदित्य राजवाड़े सूरजपुर का रहने वाला था। बताया गया कि जवान विक्रम किसी बात को लेकर कमांडर मेला राम कुर्रे से बहस कर रहा था। विवाद बढ़ने पर विक्रम ने अपनी इंसास रायफल से गोलियों की बौछार शुरू कर दी। देखते ही उसने 20 राउंड गोलियां चलाते हुए पूरी मैगजीन खाली कर दी। इनमें कुछ गोलियां मेला राम के सीने में लगीं तो कुछ सिर और हाथ में। कमांडर के गिरने के बाद जवान ने खुद के गले में भी प्वाइंट कर गोली चला दी। गोलियां चलाने के दौरान दीवार से टकराते हुए कुछ गोलियां छिटक कर दो अन्य जवानों नंदकिशोर कुशवाहा और वेणुधर ध्रुव को भी लगीं। ये दोनों जवान घायल हैं।

जवान ने इंसास से पूरी 20 राउंड गोलियां चलाईं। किसी बात की दुर्भावना में गोली मारी गई है। इसकी जांच चल रही है। फिलहाल जवानों के शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। सौरभ, सिटी एसपी रांची।

चुनाव ड्यूटी के जवानों को दी जा रही पर्याप्त सुविधाएं

झारखंड पुलिस के एडीजी ऑपेरशन मुरारी लाल मीणा के अनुसार सभी जवान छतीसगढ़ सीआरपीएफ की 226 बटालियन के हैं। ये झारखंड में चुनाव कराने आए हैं। इसी बटालियन के अधिकारी और जवान आपस में भिड़े हैं। दो घायलों को इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रांची लाया गया है। चुनाव ड्यूटी में आए जवानों को पर्याप्त सुविधाएं दी जा रही है, ताकि कोई शिकायत न रहे। उन्हें आने-जाने के लिए गाड़‍ियां व अन्य सुविधाएं भी दी जा रही हैं। लड़ाई-झगड़े की वजह क्या रही, इसकी जांच होगी और जांच के बाद ही कारण स्पष्ट हो पाएंगे। मुरारी लाल मीणा, एडीजी ऑपेरशन, झारखंड पुलिस

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