रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Assembly Election 2019 राज्य में विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराने में सुरक्षा बलों और जिला प्रशासन की बड़ी भूमिका रही। चुनाव आयोग पुलिस व जिला प्रशासन के सहयोग से छिटपुट घटनाओं को छोड़कर पूरा चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराने में सफल रहा।

राज्य पुलिस के नोडल पदाधिकारी एमएल मीणा के अनुसार, चुनाव के दौरान कुछ सुरक्षा कर्मियों व चुनाव कर्मियों की मौत भी हुई, लेकिन नक्सली घटनाओं या आइईडी विस्फोट में नहीं। पूरे चुनाव के दौरान 10 सुरक्षा कर्मियों की मौत बीमारी या सड़क दुर्घटना में हुई। इनमें से एक सुरक्षा कर्मी की मृत्यु इलेक्ट्रिक शॉक से भी हुई। वहीं, चार अन्य सुरक्षा कर्मी आपसी फायरिंग में मारे गए। नक्सली कारणों में सिर्फ कोबरा के दो जवान आइईडी ब्लास्ट में घायल हुए। इधर, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे के अनुसार, पूरे चुनाव के दौरान तीन मतदान कर्मियों की भी मौत बीमारी से हुई। इनमें एक सेक्टर अफसर तथा दो चुनाव कर्मी शामिल हैं।

मृत सभी जवानों, कर्मियों को मिले 15-15 लाख रुपये

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार, चुनाव आयोग के प्रावधान के अनुसार चुनाव के दौरान सामान्य रूप से मृत्यु होने पर 15 लाख तथा हिंसा में मृत्यु होने पर 30 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। मृत सभी सुरक्षा कर्मियों व चुनाव कर्मियों को संबंधित जिला निर्वाचन पदाधिकारियों द्वारा उपलब्ध फंड से  मुआवजा राशि आश्रितों को उपलब्ध करा दी गई है।

2,27,629 सुरक्षा कर्मी लगाए गए पूरे चुनाव में

पूरे चुनाव में कुल 2,27,629 सुरक्षा कर्मी लगाए गए। पहले चरण में 43,933, दूसरे चरण में 51,616, तीसरे चरण में 36,097, चौथे चरण में 47,691 तथा पांचवें चरण में 48,292 सुरक्षा कर्मी लगाए गए। बता दें कि केंद्र से सुरक्षा बलों की 275 कंपनियां राज्य पुलिस प्रशासन को मिली थीं। आइआरबी तथा जैप की 93 कंपनियां भी अलग से लगाई गई थीं। प्रत्येक चरण में 45 फीसद सुरक्षा कर्मी राज्य पुलिस के थे।

 

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