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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lok Sabha Election 2024: उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान कहा, BJP जम्मू-कश्मीर में चुनाव करवाने के लिए असमर्थ

By Paras PandeyEdited By: Paras Pandey
Published: Fri, 29 Sep 2023 04:25 AM (GMT+05:30)

नेशनल कान्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को दावा किया कि भाजपा जम्मू-कश्मीर में कोई चुनाव नहीं कराना चाहती ...और पढ़ें

उमर ने कहा अगले सप्ताह जम्मू में विपक्षी दलों की बैठक में करेंगे वर्तमान हालात की समीक्षा
उमर ने कहा अगले सप्ताह जम्मू में विपक्षी दलों की बैठक में करेंगे वर्तमान हालात की समीक्षा

राज्य ब्यूरो,जम्मू। Lok Sabha Election 2024 नेशनल कान्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को दावा किया कि भाजपा जम्मू-कश्मीर में कोई चुनाव नहीं कराना चाहती है। वह जानती है कि लोग उन्हें मतपत्र के माध्यम से सजा दंडित करेंगे। वे जानते हैं कि लोग उनके साथ नहीं हैं। कश्मीर को छोड़िए, जम्मू में भी बीजेपी को लोगों से नुकसान उठाना पड़ेगा।

इसलिए उनमें चुनाव कराने का साहस नहीं है। वह श्रीनगर में पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव कराने के पक्ष में भी नहीं दिखती है। 

हमारा मानना है कि एकमात्र चुनाव संसद का होगा। उन्हें इसे टालना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा वे कोई अन्य चुनाव कराने के मूड में नहीं दिखते। स्थानीय निकाय चुनाव टालने के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार इससे इनकार करेगी। उन्होंने कहा अगर आप उनसे (सरकार) पूछें तो वे आपको कहेंगे कि जब हमने इसकी घोषणा ही नहीं की है तो चुनाव कैसे टाले जा सकते हैं।

एक सवाल के जवाब में अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और कुछ नौकरशाह हैं जो नहीं चाहते कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव हो। उन्होंने कहा कि सड़क पर किसी से भी पूछो। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि वे मेरी पार्टी या किसी विशेष पार्टी को वोट देंगे लेकिन हर कोई चुनाव चाहता है। 

ऐसे कुछ ही लोग हैं जो उपराज्यपाल को गुमराह करने के लिए राजभवन जाते हैं। मैंने भी छह साल तक सरकार का नेतृत्व किया। ये दलबदलू मेरे कार्यालय में भी आते थे। अब्दुल्ला सिन्हा के हालिया बयान का जिक्र कर रहे थे जिसमें उन्होंने दावा किया था कि जम्मू-कश्मीर में 80 फीसदी लोग मौजूदा व्यवस्था से खुश हैं और कोई बदलाव नहीं चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात की समीक्षा के लिए अगले हफ्ते जम्मू में विपक्षी दलों की बैठक बुलाई गई है। हम सभी बैठेंगे और चर्चा करेंगे। जम्मू-कश्मीर के हालात की समीक्षा की जाएगी। अगर कुछ करने की जरूरत होगी तो वहीं निर्णय लिया जाएगा। 

अच्छी बात यह है कि बैठक जम्मू में बुलाई गई है क्योंकि कभी-कभी यह दावा किया जाता है कि सभी फैसले कश्मीर में लिए जाते हैं। पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह के आतंक मुक्त जम्मू-कश्मीर के बयान के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी इस लक्ष्य को हासिल करने में अपनी भूमिका निभाएगी। आतंकियों के अलावा इस प कौन आपत्ति कर सकता है।

कोई यह नहीं कहेगा कि डीजीपी ने कुछ गलत कहा है जम्मू-कश्मीर को आतंक मुक्त बनाएं, हम भी इस संबंध में जो भी भूमिका निभा सकते हैं, निभाएंगे लेकिन हम कितने आतंक मुक्त हैं, यह कोकेरनाग की घटना से स्पष्ट है। इतने लंबे समय के बाद एक कर्नल, एक मेजर जेके पुलिस के एक डीएसपी और एक जवान को खोना कोई सामान्य घटना नहीं है। आतंक मुक्त जम्मू-कश्मीर को ज़मीन पर साबित होने दीजिए। हम आपका हौसला बढ़ाने वाले पहले व्यक्ति होंगे।