चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल Haryana Assembly Election 2019 में बेहद व्यस्त हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय नेताओं के दौरों से अलग मुख्यमंत्री मनोहर लाल पर सभी विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचकर अपनी पार्टी के उम्मीदवारों का चुनाव प्रचार करने की बड़ी जिम्मेदारी है। पार्टी ने मनोहर लाल को हरियाणा के चुनावी महासमर का चेहरा जो बना रखा है। भाजपा ने हालांकि 75 से अधिक विधानसभा सीटें जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है, लेकिन मुख्यमंत्री पर इससे कहीं अधिक सीटें जीतकर मोदी व शाह की झोली में डालने का दबाव है। अपने इस मिशन को लेकर मनोहर लाल आश्वस्त भी दिखाई देते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की देश हित की नीतियों तथा अपनी मनोहर सरकार के पांच साल के कामकाज को मुख्यमंत्री इस भरोसे की वजह मानते हैं। मुख्यमंत्री जिस भी विधानसभा क्षेत्र में जाते हैं, अपनी पांच साल की सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हैं, विरोधियों को उनकी पिछली सरकारों के कामकाज के आकलन के आधार पर ललकारते हैं और अपनी सरकार का अगले पांच सालों का विजन डाक्यूमेंट पेश करते हैं। चुनावी माहौल में दैनिक जागरण के हरियाणा स्टेट ब्यूरो प्रमुख अनुराग अग्रवाल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से विभिन्न मुद्दों पर बात की। पेश है इसके प्रमुख अंश-

0 दो दिन पहले ही आपकी पार्टी ने चुनाव घोषणा पत्र जारी किया। बाकी दल भी अपने वादे-घोषणाएं लेकर जनता के बीच हैं। भाजपा व दूसरे दलों के चुनाव घोषणा पत्र को कैसे देखते हैं?

- भाजपा धरातल की राजनीति करती है। वह लोगों की जरूरत, समस्याओं और उनके मर्म को समझती है। भाजपा ने एक भी वादा प्रदेश की जनता से ऐसा नहीं किया, जिसे पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन कांग्रेस समेत तमाम दूसरे दलों ने लोगों को बड़े-बड़े सब्जबाग दिखाए। उन्होंने तमाम ऐसी घोषणाएं की, जो पूरा हो सकने वाली नहीं हैं। उनका चुनाव घोषणा पत्र ऐसा है, जैसे न नौ मण तेल होगा और न राधा नाचेगी। न सरकार कभी आएगी और न ही उन्हें अपने वादे-घोषणाएं पूरा करने का कोई मौका मिलेगा। इसलिए जो मन में आया, वह सब कह दिया।

0 भाजपा ने प्रदेश को आदर्श राज्य बनाने की परिकल्पना की है। ऐसा राज्य, जिसमें रामराज की झलक दिखाई दे। इस परिकल्पना को पूरा करने में वित्तीय संसाधन तो आड़े नहीं आएंगे?

- देखिए, कांग्रेस के मित्रों ने एक लाख 26 हजार करोड़ रुपये की घोषणाएं कर दी। राज्य का पूरे साल का बजट ही इसके आसपास होता है। कांग्रेस ने 2014 के चुनाव में जब गोहाना रैली में ताबड़तोड़ घोषणाएं की थी, तब मुझे बताया गया था कि कोई भी घोषणा पूरी हो सकने वाली नहीं है। इसमें धन की बेहद जरूरत है। हमने तमाम वह घोषणाएं की, जिन्हें पूरा किया जा सकता है। हमारी सभी घोषणाओं का कुल बजट 32 हजार करोड़ रुपये के आसपास है, लेकिन इन सभी के लागू होने से राज्य को आदर्श प्रदेश के रूप में खड़ा किया जा सकता है।

0 हरियाणा में कांग्रेस और इनेलो समेत तमाम क्षेत्रीय दलों की सरकारें रहीं। अब भाजपा राज कर रही है। क्या आपको लगता है कि पिछले पांच सालों में ऐसा माहौल बना, जिससे राज्य आदर्श प्रदेश की तरफ अग्रसर हो?

- क्यों नहीं बना। हमने पुरानी परंपराओं, परिपाटी और राजनीति की लूट खसोट की कल्चर को बदला है। ऊपर के स्तर का पूरा भ्रष्टाचार बंद हो गया। अब कोई यह नहीं कह सकता कि मुख्यमंत्री के स्तर पर कोई लेनदेन होता है। अगली बार हम भ्रष्टाचार के छोटे छोटे छिद्र भी बंद करने की दिशा में काम करेंगे। हमारी पांच साल की सरकार ने ऐसी संस्कृति विकसित की कि लोगों को लगने लगा कि अब वास्तव में बदलाव आया है। रही रामराज और आदर्श राज्य की बात तो, उससे हमारा अभिप्राय यह है कि ऐसा माहौल तैयार करना है, जिसमें न कोई गरीब हो, न कोई बीमार हो और न कोई उत्पीडि़त, पीडि़त या शोषित हो। हम इस दिशा में तेजी के साथ आगे बढ़ेंगे।

0 हरियाणा में किसानों का कर्जमाफी बड़ा मुद्दा है। कांग्रेस, इनेलो और जजपा किसानों की कर्जमाफी की बात करते हैं और आपकी पार्टी उस पर चर्चा नहीं करती?

- हमारे से ज्यादा शुभचिंतक किसानों का दूसरा कोई दल नहीं हो सकता। हम किसानों को स्वावलंबी बनाना चाहते हैं। उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करना चाहते हैं। उनकी फसल का एक-एक दाना हमने खरीदा। हमने सरसों, बाजरा और मक्का की खरीद की। यहां रेट अधिक होने तथा खरीद की बात सुनकर पड़ोसी राज्यों से भी किसान आकर अपनी फसल बेचने लगे। हमारे लिए पहले अपने राज्य के किसानों के हित सर्वोपरि हैं। इसलिए हमें रजिस्ट्रेशन की कैप लगानी पड़ी। आखिरकार सारी फसल खरीदी गई। हमने किसानों के लिए प्रधानमंत्री सम्मान निधि और पेंशन योजना शुरू की है। 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने की दिशा में हमारी सरकार काम कर रही है।

0 हरियाणा में सरकारी नौकरियां अक्सर बड़ा मुद्दा रहती हैं। विपक्ष खासकर कांग्रेस व जजपा राज्य में बेरोजगारी बढऩे के आरोप लगा रहे हैं?

- आपको जानकर खुशी होगी कि देश भर में हरियाणा की अर्थव्यवस्था को अच्छी निगाह से देखा जाता है। विश्वव्यापी थोड़ी बहुत मंदी की जो बात होती है, जिसके कई कारण हो सकते हैं, उसका हरियाणा की अर्थव्यवस्था पर कोई विपरीत असर नहीं है। हमारी सरकार ने प्राइवेट उद्योगों व संस्थानों में पांच साल में करीब चार लाख रोजगार दिए हैं। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और लोक सेवा आयोग के माध्यम से 72 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दी।

0 कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और जजपा संयोजक दुष्यंत चौटाला राज्य में नौकरियां बेचे जाने के आरोप भी जड़ते हैं?

- दरअसल, इन लोगों ने अक्सर नौकरियां बेची हैं। अब उन्हें पीड़ा है कि नौकरियां बेचने का धंधा बंद हो गया। पहले भाई भतीजावाद, परिवारवाद और क्षेत्रवाद के आधार पर पैसे लेकर नौकरियां दी जाती थी। अब मेरिट में आने पर योग्यता के आधार पर नौकरी मिलती है। हमारी सरकार ने परीक्षा होने के कुछ घंटों के बाद रिजल्ट तक घोषित किए हैं। हमने नौकरियां बेची नहीं, मेरिट के आधार पर दी हैं। कुछ लोग तो नौकरियां बेचने के आरोप में अभी भी जेल में सजा काट रहे हैं।

0 आप कह रहे थे कि भाजपा सरकार 2019 की चुनाव परीक्षा में बैठने जा रही और आप 2014 का सिलेबस पढ़ रहे हैं?

- मेरा कहने का अभिप्राय यह था कि 2014 में हमने जो काम किए, अब उनकी परीक्षा का नंबर है, जो 21 अक्टूबर को होगी। हमारे कामकाज पर लोग नंबर देंगे। उनका आकलन करेंगे। हम 2019 की परीक्षा के लिए तैयार हैं। 2019 में हम जो काम करने वाले हैं, उनकी परीक्षा 2024 में होगी। इसकी भी हमारी अभी से तैयारी है।

0 हरियाणा में पिछले दिनों भारी दलबदल हुआ। विपक्ष के करीब दो दर्जन विधायकों ने भाजपा का दामन थामा। कुछ को टिकट मिला और कुछ वंचित रह गए?

- देखिए, पहली बात तो यह है कि हमारी पार्टी में कोई भी व्यक्ति टिकट के वादे के साथ नहीं आया। न ही हमने ऐसा किसी से कोई वादा किया। उन्हें हमारी पार्टी की नीतियां और सरकार का कामकाज अच्छा लगा तो वह आ गए। यह सिलसिला तो नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद तक भी चलता रहा। 2014 में जब हमने सरकार का कामकाज संभाला था, तभी सभी विधायकों चाहे व सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का, उनसे पांच पांच करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सूची मांग ली थी। हमने बिना भेदभाव के काम किए। तभी से विधायकों को लगने लगा था कि यह सरकार सबका साथ सबका विकास और एक समान विकास कार्यों की पक्षधर है, जिस पर हमने आखिर तक काम किया।

0 हरियाणा में ट्रांसफर, जमीनों का सीएलयू और सरकारी नौकरियों में पैसों के साथ जमीनों की खरीद फरोख्त बड़े बिजनेस माने जाते हैं?

- माने जाते थे, माने जाते हैं नहीं। हमने पांच सालों में मूल्यों व सिद्धांतों की राजनीति स्थापित की है। जमीनों के सीएलयू की पावर मुख्यमंत्री के नाते मैंने अपने पास से खत्म कर दी और डायरेक्टर लेवल के अधिकारी को सौंप दी। भला ऐसा कोई कर सकता है क्या। मगर हमने किया, क्योंकि हमें कोई लोभ लालच नहीं है। जमीनों की खरीद फरोख्त बंद हो गई। जिन लोगों ने की है, वह अब भी जांच का सामना कर रहे हैं। ट्रांसफर उद्योग तो पूरी तरह से उखड़ चुका है। अब कोई भी तबादला आनलाइन होता है। हमारी इस पालिसी को दूसरे राज्यों ने भी अपनाया है।

0 हरियाणा में एसवाईएल नहर का निर्माण बड़ा मुद्दा रहा है, लेकिन केंद्र व राज्य में भाजपा की सरकार होने के बावजूद पांच सालों में पानी नहीं मिल पाया?

- आप थोड़ा अतीत में जाइए। आप देखेंगे कि पिछली सरकारों खासकर कांग्रेस व इनेलो तथा अकाली दल ने हरियाणा को कभी उसके हिस्से का पानी नहीं लेने दिया। इनेलो व अकाली दल मिलकर राजनीति करते रहे। कांग्रेस की सरकार केंद्र व हरियाणा दोनों जगह पर रही। मगर कोई काम नहीं हुआ। एक समय तो पंजाब में भी कांग्रेस की सरकार थी। बहरहाल, हमने बरसों से रुके पड़े राष्ट्रपति संदर्भ को आगे बढ़वाया। सुप्रीम कोर्ट में केस आगे बढ़ा और हमारे हक में फैसला आया। पंजाब का रुख अभी थोड़ा ठीक नहीं है। केंद्र सरकार के हस्तक्षेप से हमें उम्मीद है कि हमारे हिस्से का पानी जल्द मिलेगा। इस मामले में जितनी भी प्रक्रिया शुरू हुई, हमारे कार्यकाल में हुई।

0 हरियाणा में छात्र संघ के चुनाव शुरू करने का श्रेय हालांकि भाजपा को जाता है, लेकिन अप्रत्यक्ष चुनाव के हक में कोई छात्र संगठन नहीं है?

- प्रदेश में चौधरी बंसीलाल की सरकार के समय से छात्र संघ के चुनाव बंद थे, लेकिन इन्हें हमने शुरू कराया है। लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों में साफ लिखा है कि जिस तरह से लंबे अरसे के बाद छात्र संघ के चुनाव शुरू हुए हैं तो उन्हें धीरे-धीरे दोबारा से शुरू करने की प्रक्रिया में लाना चाहिए। फिलहाल हमने अप्रत्यक्ष चुनाव इसलिए कराएं हैं ताकि किसी तरह की हिंसा का सामना प्रदेश को न करना पड़े। हम आगे भी नियमित रूप से छात्र संघ के चुनाव कराने के हक में हैं।

0 आपने प्रदेश की जनता से तीन अलग-अलग नए विभाग भी गठित करने का वादा किया है। इसके पीछे कोई सोच?

- हमारी सरकार स्वावलंबन मंत्रालय, स्वरोजगार मंत्रालय और अंत्योदय मंत्रालय बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ समाज के सबसे पीछे खडे जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा। युवाओं को उनके पैरों पर खड़ा करने के लिए अलग विभाग गठित कर उन्हें मजबूती दी जाएगी। स्वरोजगार मंत्रालय के जरिये रोजगार की दिशा में नए आयाम स्थापित हो सकेंगे।

0 हरियाणा कांग्रेस का विवाद आपके सामने है। जो अशोक तंवर कभी भाजपा के खिलाफ हुंकार भरते थे, आज हुड्डा के खिलाफ फरसा उठाए हुए हैं?

- अशोक तंवर और हुड्डा के विवाद क्या हैं, यह वे जानते होंगे। मुझे ऐसी सूचनाएं मिली थी कि तंवर हमारी पार्टी के कई प्रमुख लोगों के संपर्क में थे। उन्होंने भाजपा में आने की इच्छा जताई थी। यदि वह हमारा समर्थन कर रहे हैं तो अच्छी बात है, लेकिन भाजपा उन्हें अपनी पार्टी में नहीं लेगी।

0  हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा रहा है। उनके प्रति अपराध बढऩे के आंकड़े विपक्ष पेश कर रहा है?

- देखिए, इसे अपराध बढऩा नहीं कहते। पहले क्या होता था कि अपराध होने पर उसका आंकड़ा छिपाने की मंशा से एफआइआर दर्ज नहीं की जाती थी। हमने इस दूसरे अपराध को बंद कर दिया है। अब हर अपराध की एफआइआर दर्ज होती है। जांच के बाद जो कुछ निलकता है, उसके आधार पर फैसला किया जाता है। हमने महिला सुरक्षा के लिहाज से राज्य में थाने बनाए। पुलिस विभाग में महिलाओं की संख्या बढ़ाई। विभिन्न जरूरी स्थानों पर फिलहाल भी करीब दो लाख सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिन्हें बढ़ाकर पांच लाख किया जाएगा।

0 हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों के आंदोलन एक बड़ा मुद्दा बनते रहे हैं। जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब भाजपा उनका साथ देती थी और आज कांग्रेस, जजपा व इनेलो कर्मचारियों के साथ हैं?

- दरअसल, कर्मचारियों की भर्ती के मामले में जितनी विसंगतियां हुड्डा सरकार ने खड़ी की, उतनी आज तक नहीं हुई। चोर दरवाजे से भर्तियां की गई। फिर उन्हें पक्का करने की बारी आई तो हाथ खड़े कर लिए। हमारी सरकार ने किसी का रोजगार नहीं छीना, बल्कि हुड्डा सरकार की गलतियों को ठीक करते हुए उन्हें नौकरियां दी। अब भी राज्य के सरकारी कर्मचारियों की सभी वेतन विसंगतियां दूर करने का हमने वादा किया है। सभी सरकारी कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची जारी करने की दिशा में हमारे अधिकारी बढ़ रहे हैं। सरकारी कार्यालयों में प्रशिक्षित केयर टेकर के साथ क्रेच स्थापित करेंगे, ताकि महिला कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

0 हुड्डा, दुष्यंत चौटाला और अभय सिंह आपकी सरकार के पिछले वादे पूरे नहीं होने पर बहस की चुनौती देते हैं?

- देखिए, मैंने पहले भी बताया कि हमारी सरकार ने जो वादे किए थे, वह 96 फीसदी पूरे हो चुके हैं। चार फीसदी बचे हैं, जो कि दस या 11 बनते हैं। यह ऐसे वादे हैं, जिनके पूरा होने में थोड़ा समय लग सकता है। अब एसवाईएल नहर का निर्माण ही ले लीजिए तो वह कानूनी प्रक्रिया में उलझा हुआ है। हमारी सरकार हरियाणा के हक में काम कर रही है। जिन वादों पर काम नहीं हुआ, उन्हें हमने अपने 2019 के चुनाव संकल्प पत्र में शामिल किया है। हमने तो ऐसे काम भी बहुत किए हैं, जो 2014 के चुनाव घोषणा पत्र में नहीं डाले थे। पढ़ी लिखी पंचायतें इसका उदाहरण हैं।

0 आप खुद करनाल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे। पूरे प्रदेश में प्रचार की भी जिम्मेदारी है। कैसे मैनेज हो रहा है?

- करनाल की जनता में मुझे बेहद स्नेह और सम्मान दिया है। मैं वहां जाता हूं और लोगों से मिलता हूं। मेरा चुनाव करनाल की जनता खुद लड़ रही है। हर व्यक्ति खुद को मैं हूं मनोहर मानकर चुनावी रण में हैं। पिछले चुनाव में मेरी जीत का आंकड़ा 60 से 65 हजार के बीच था, जो अब बढ़ाकर कार्यकर्ताओं ने एक लाख तक किया है, लेकिन जिस तरह से दूसरे दलों के लोग भी हमारी टीम के साथ जुड़ रहे हैं, भाजपा में शामिल हो रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि जीत का आंकड़ा हमारी टीम और करनाल की जनता सवा लाख से ऊपर लेकर जाएगी।

----------------

मैंने पहले ही कहा था, कुछ लोग डाइस से पब्लिक में और पब्लिक से डाइस पर होंगे

0 हरियाणा के चुनाव में लग रहा कि आपकी पार्टी के कुछ लोग बगावत पर उतर आए हैं। मंत्रियों व विधायकों के टिकट काटे गए?

- कई बार राजनीतिक रणनीति के चलते ऐसा करना पड़ता है। हमने जीतने वाले चेहरों को आगे किया है। पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को मौका दिया। मैंने पहले कहा था कि कुछ लोग डाइस पर हो सकते हैं और डाइस वाले लोग पब्लिक में। भारतीय जनता पार्टी अनुशासित पार्टी है। अकेले रणधीर कापड़ीवास को छोड़ दिया जाए तो हरियाणा के चुनावी रण में भाजपा का कोई बगावत नहीं कर रहा। सब मिलकर चुनाव लड़ रहे और अपनी पार्टी की सरकार बनाने की तैयारी कर रहे हैं।

-------------

चुनाव लड़ने के लिए राजनीति में सक्रिय होना जरूरी नहीं

0 भाजपा ने कई ऐसे चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा है, जो राजनीति के अच्छे वाकिफ नहीं लगते। इसके कोई नुकसान होने की आशंका तो नहीं?

- जिन लोगों को चुनाव लड़वाया जा रहा है, वह सभी अपने-अपने क्षेत्र के काबिल लोग हैं। यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि राजनीति में सक्रियता नहीं है तो वह चुनाव न लड़ें। नए चेहरे अपने अपने क्षेत्र में माहिर और जनता से जुड़े लोग हैं। उन्होंने निचले स्तर तक मेहनत कर रखी है। ऐसे लोग चुनाव जीतकर आएंगे और उनके अनुभव का लाभ सरकार की नई नीतियां बनाने में लिया जाएगा।

------------------

हुड्डा को पहले कभी याद नहीं आई अनुच्‍छेद 370

0 जम्मू कश्मीर से अनुच्‍छेद 370 के हटने की बात करते हैं। कांग्रेस भी इसका अब खुलकर समर्थन करने लगी है?

- यह अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले से कांग्रेस सहमत है, लेकिन कांग्रेस में भी कई तरह की राय हैं। कोई इसके विरोध में है तो कोई खुश हैं। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व मोदी सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाता है, लेकिन हुड्डा समर्थन करते हैं। गुलाम नबी आजाद घुमा फिराकर बाते करते हैं। हुड्डा का समर्थन भी राजनीतिक छलावा है। यदि वह वास्तव में धारा 370 हटाने के हक में थे तो उन्हें अपनी सरकारों पर दबाव बनाना चाहिए था। अब वह सिर्फ झूठी सहानुभूति बटोरने के लिए ऐसा कर रहे हैं।

------------------

पढ़ी लिखी पंचायतों के फैसले की न्यायपालिका ने भी सराहना की

0 कांग्रेस ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में यह वादा किया है कि सत्ता में आने पर पंचायत चुनाव के लिए पढ़ाई की अनिवार्यता खत्म होगी?

- (मुस्कुराते हुए), अब आप उनकी मानसिकता देखिए। अगर कोई प्रदेश आगे बढ़ रहा है तो उसकी प्रशंसा करने की बजाय कह रहे हैं कि हम प्रदेश को आगे नहीं बढऩे देंगे और वापस उसी पुराने ढर्रे पर लाकर खड़ा कर देंगे। हरियाणा देश में ऐसा पहला राज्य है, जिसने पढ़ी लिखी पंचायतें दी हैं। न्यायपालिका ने भी इस फैसले की तारीफ की।

---------------

अकाली दल पहले हरियाणा का पानी दिलाए, फिर बात करेंगे

0 लोकसभा चुनाव में भाजपा व अकाली दल के बीच अच्छी दोस्ती हो गई थी, लेकिन अब अकाली दल आपकी पार्टी के विरोध में चुनाव लड़ रहा है?

- गठबंधन करने अथवा तोडऩे का फैसला हमारे यहां पार्टी हाईकमान करता है। पंजाब में अकाली दल के साथ हमारी अच्छी दोस्ती है। हरियाणा में भी हो सकती थी। लेकिन हमारे लिए प्रदेश के हित पहले हैं। अकाली दल ने कभी हरियाणा के लोगों को पानी देने की पैरवी नहीं की। अक्सर विरोध किया है। अब यही लोग इनेलो के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। यदि अकाली दल एसवाईएल नहर के पानी के लिए हरियाणा के हक में आवाज बुलंद करे तो हमें दो चार सीटें उन्हें देने में कोई हर्ज नहीं है।

----------------

महंगाई बढऩे के अनुपात में तीन हजार रुपये पेंशन देंगे

0 भाजपा के चुनाव घोषणा पत्र में सामाजिक पेंशन को लेकर गफलत की स्थिति है। पार्टी तीन हजार रुपये मासिक पेंशन का वादा कर रही, लेकिन यह कब से लागू होगी?

- हमने प्रदेश की जनता से तीन हजार रुपये मासिक पेंशन देने का वादा किया है। पांच साल में तीन हजार रुपये से कम पेंशन नहीं रहेगी। भाजपा ने महंगाई दर के अनुरूप सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने का कार्यक्रम तैयार किया है। प्रत्येक छह माह अथवा एक साल में प्राइस इंडेक्स का मूल्यांकन होगा। कई सरकारी योजनाओं में प्राइस इंडेक्स के अनुरूप ही भत्तों में बढ़ोतरी होती है। केवल पेंशन योजना ही नहीं, अपितु न्यूनतम वेतमान के मामले में भी प्राइस इंडेक्स के छमाही मूल्यांकन के आधार पर तय कर लाभ दिया जाएगा।

--------------------------

खास बिंदु

- मनोहर बोले, हमने पांच सालों में मूल्यों व सिद्धांतों की राजनीति की।

- पुरानी परंपराओं, परिपाटी और राजनीति की लूट खसोट की कल्चर को बदला।

- अब कोई यह नहीं कह सकता मुख्यमंत्री के स्तर पर कोई लेनदेन होता है।

- महिलाओं की सुरक्षा के लिए राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर लगाएंगे पांच लाख सीसीटीवी कैमरे।

--------

कहा- इन बातों पर सरकार का फोकस

- ऐसा माहौल तैयार करेंगे, जिसमें न कोई गरीब, न कोई बीमार और न उत्पीडि़त-शोषित हो।

- पांच साल में तीन हजार रुपये से कम पेंशन किसी सूरत में नहीं मिलेगी।

- हमने नौकरियां बेची नहीं, मेरिट के आधार पर दी, दूसरे हमेशा बेचते रहे।

- हरियाणा में अब नियमित रूप से होंगे छात्र संघ के चुनाव।

------

विपक्ष को इस तरह ले रहे निशाने पर

- 2014 में हमने जो काम किए, अब उनकी परीक्षा का नंबर है।

- 2014 में जब हमने सभी विधायकों से पांच पांच करोड़ के विकास कार्यों की सूची मांगी, तभी से उन्हें हम पर भरोसा हो गया।

- अशोक तंवर हमारा समर्थन करें अच्छी बात मगर हम भाजपा में नहीं लेंगे।

- हरियाणा में भाजपा में नहीं कोई बगावत, टिकट काटना रणनीति का हिस्सा।

------

एसवाइएल के पानी पर भाजपा सरकार का रुख

- केंद्र सरकार के हस्तक्षेप से हमें उम्मीद है कि हमारे हिस्से का पानी जल्द मिलेगा।

- अकाली दल एसवाईएल नहर के पानी के लिए हरियाणा के हक में आवाज बुलंद करे तो दो चार सीटें देने में कोई हर्ज नहीं।

Posted By: Sunil Kumar Jha

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप