गुरुग्राम [आदित्य राज]। Haryana Assembly Election 2019: आज जिस मंत्र को आत्मसात करके भाजपा सत्ता के शिखर पर पहुंची है वह मंत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुग्राम में 1996 के विधानसभा चुनाव के दौरान दिया था। वह मंत्र है एक बूथ पांच यूथ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस दौरान भाजपा के प्रदेश प्रभारी हुआ करते थे। 1996 में गुड़गांव विधानसभा क्षेत्र से पार्टी की टिकट पर जिला भाजपा के भीष्म पितामह रहे पूर्व मंत्री सीताराम सिंगला ने किस्मत आजमाई थी। नरेंद्र मोदी उनके चुनाव कार्यालय का शुभारंभ करने पहुंचे थे।

नरेंद्र मोदी ने कहा था यदि बूथ जीत लिया तो चुनाव जीत लिया। यदि बूथ की मजबूती में यूथ का यानी युवा कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान है, वह पार्टी कभी पीछे मुड़कर नहीं देख सकती। उस पार्टी को सत्ता के शिखर तक पहुंचने से कोई रोक नहीं सकता। उस चुनाव में भले ही सीताराम सिंगला की हार हो गई थी लेकिन संगठन की ताकत काफी बढ़ गई थी। बूथ की ताकत पहली बार उस समय दिखी थी। उसी ताकत की बदौलत आज भाजपा प्रदेश में भी सत्ता के शिखर पर पहुंच चुकी है। नरेंद्र मोदी द्वारा 1996 में कहे गए एक-एक शब्द आज चरितार्थ होते दिख रहे हैं।

सीताराम सिंगला ने कहा था शिखर पर पहुंचेंगे मोदी

अपनी यादों की गठरी खोलते हुए पूर्व मंत्री सीताराम सिंगला के बेटे व भाजपा नेता एडवोकेट सुधीर सिंगला कहते हैं कि नरेंद्र मोदी के प्रचार स्टाइल से उनके पिताजी बहुत प्रभावित थे। उनका भाषण देने का अंदाज, भाषण में विषय रखने का अंदाज शुरू से ही अलग रहा। जैसे कुशल शिक्षक कक्षा में विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं उसी तरह 1996 में चुनाव के दौरान वह कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित करते थे। उनके संवाद से कार्यकर्ताओं में इतना मनोबल बढ़ जाता था कि वह दिन-रात संगठन की मजबूती में लग जाता था। उनके इस अंदाज से उनके पिता कहा करते थे कि वह एक न एक दिन न केवल सत्ता के शिखर पर पहुंचेंगे। उनके पिताजी जो कहा करते थे वह सत्य हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश में ही बल्कि पूरी दुनिया में भाषण देने की कला व काम करने के अंदाज की वजह से इस समय सर्वाधिक चर्चित नेताओं में से एक हैं।

सीताराम सिंगला ने देवीलाल को लौटा दिया था प्लॉट

मुख्यमंत्री के पद पर रहते हुए चौधरी देवीलाल ने अपने कार्यकाल के दौरान सीताराम सिंगला को भी एक प्लॉट आवंटित कराया था। उस समय विधायकों को एक-एक प्लॉट आवंटित किया जाता था। उन्होंने यह कहकर प्लॉट लौटा दिया था कि पार्टी ने उन्हें विधायक बना दिया, मंत्री का पद दे दिया। इससे अधिक उन्हें कुछ नहीं चाहिए। यदि प्लॉट देना ही है तो आर्थिक रूप से कमजोर पार्टी के किसी नेता को दिया जाए। यह निर्णय भी पार्टी ही करे कि किसे प्लॉट देना चाहिए। सीताराम सिंगला के इस बात से देवीलाल काफी प्रभावित हुए थे।

1987 में गुड़गांव विधानसभा क्षेत्र से चुने गए थे सिंगला

बता दें कि सीताराम सिंगला पहली बार 1987 में गुड़गांव विधानसभा क्षेत्र से चुने गए। उन्हें प्रदेश सरकार में मंत्री बनाया गया। दूसरी बार 1996 में काफी कम अंतर से उनकी हार हुई लेकिन व्यक्तित्व को देखते हुए उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल ने हरियाणा पब्लिक इंटरप्राइजेज ब्यूरो का चेयरमैन बनाया था। वह आजीवन अपने पिताजी रामकिशन गुप्ता द्वारा कमला नेहरू पार्क के सामने बर्फखाने में बनाए गए मकान में ही रहे।

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Posted By: Mangal Yadav

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