चंडीगढ़, [अनुराग अग्रवाल]। Haryana Assembly Election 2019 के लिए भाजपा के 12 बचे प्रत्‍याशियों की घोषणा होने के साथ ही राज्‍य के दो मंत्रियों विपुल गोयल और राव नरबीर सिंह की उम्‍मीदें टूट गईं। टिकट के लिए दोनों नेताओं ने आखिर तक हरसंभव कोशिश की, लेकिन उनकी सारी लॉबिंग फेल हो गई। इसके साथ ही हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को सरकार और संगठन दोनों में कड़े फैसले लेने के लिए जाना जाएगा। भाजपा ने 90 पार्टी प्रत्याशियों की सूची जारी करने में पूरी तरह से मुख्यमंत्री मनोहर लाल की पसंद को तरजीह दी है। भाजपा ने दो मंत्रियों विपुल गोयल और राव नरबीर समेत 12 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे हैं।

भाजपा ने दो मंत्रियों समेत १२ विधायकों के टिकट काट लिए कड़े फैसले

मनोहर कैबिनेट में उद्योग मंत्री विपुल गोयल और पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर ने आखिर तक कोशिश की कि उन्हें टिकट मिल जाए, लेकिन विपुल गोयल न तो पलवल से टिकट हासिल करने में कामयाब हो सके और न ही राव नरबीर की रेवाड़ी में एंट्री हो पाई। विपुल गोयल की फरीदाबाद से और राव नरबीर की बादशाहपुर से टिकट काटी गई है। राव नरबीर को लेकर मुख्यमंत्री दिन में हालांकि केंद्रीय मंत्री एवं चुनाव प्रभारी नरेंद्र सिंह तोमर के पास भी गए, लेकिन आखिर तक भी बात नहीं बनी।

राव इंद्रजीत और कृष्णपाल गुर्जर के साथ धर्मबीर की पसंद को महत्व

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ हुई बैठक में हालांकि राव नरबीर को रेवाड़ी या कोसली से चुनाव लड़वाने पर चर्चा की गई, लेकिन संगठन के आड़े केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत की संभावित नाराजगी आ गई। राव इंद्रजीत अपनी बेटी आरती राव के लिए रेवाड़ी से टिकट मांग रहे थे। उन्हें बेटी के लिए तो टिकट नहीं मिल पाई, लेकिन राव नरबीर की टिकट काटने तथा उनकी पसंद के रेवाड़ी, नारनौल और बावल में उम्मीदवार दिए गए हैं। कोसली और अटेली में भी राव इंद्रजीत की पसंद के कार्यकर्ताओं को टिकट मिली है, जिसका मतलब साफ है कि अहीरवाल में भाजपा राव इंद्रजीत की नाराजगी मोल लेने की स्थिति में कतई नहीं थी। राव इंद्रजीत विधानसभा की डिप्टी स्पीकर संतोष यादव की टिकट कटवाने में भी कामयाब रहे।

जिन 12 विधायकों के टिकट काटे, उनमें आठ ने की थी बगावत
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर अपने बेटे देवेंद्र के लिए तिगांव से टिकट मांग रहे थे। उनके बेटे को टिकट नहीं मिली, लेकिन पार्टी ने फरीदाबाद में विपुल गोयल की टिकट काटने के उनके प्रस्ताव को मान लिया है। विपुल गोयल आखिर तक इस लाबिंग में लगे रहे कि उन्हें फरीदाबाद या पलवल से टिकट मिल जाए। उनके लिए रोहतक में कुछ वरिष्ठ नेताओं ने लाबिंग भी की, मगर आखिर तक बात नहीं बन पाई।

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भिवानी-महेंद्रगढ़ के सांसद धर्मबीर तोशाम में अपने बेटे मोहित के लिए टिकट नहीं ले पाए। यहां भाजपा मुकेश गौड़ को टिकट देना चाहती थी, लेकिन धर्मबीर ने उन्हें किसी सूरत में टिकट नहीं लेने दी और यहां शशिरंजन परमार को टिकट मिली है। भाजपा ने कुल मिलाकर बागी विधायकों पर कोई रहम नहीं किया।

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पहली लिस्ट में आठ विधायकों विपुल गोयल, राव नरबीर, तेजपाल तंवर, संतोष सारवान, बिमला चौधरी, संतोष यादव, कुलवंत बाजीगर और श्याम सिंह राणा के टिकट कटे, जबकि दूसरी लिस्ट में उमेश अग्रवाल, बिक्रम सिंह ठेकेदार, रणधीर सिंह कापड़ीवापस और रोहिता रेवड़ी के टिकट कटे हैं। इनमें आठ विधायक ऐसे हैं, जिनकी गिनती बागी विधायकों में होती है, जिन्होंने मनोहर सरकार को अस्थिर करने की पूरी कोशिश की।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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