नई दिल्ली, [जागरण स्पेशल]। हरियाणा के 1.83 करोड़ मतदाता आज नई विधानसभा के लिए मतदान कर रहे हैं। सोमवार को विधानसभा चुनाव के मतदान हो रहा है और इस बार 90 सीटों के लिए कुल 1169 प्रत्याशी मैदान में हैं। शांतिपूर्ण मतदान के लिए 19578 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदान से पहले हर कोई उम्मीदवारों के बारे में जानने को उत्सुक है कि जिन्हें हम विधानसभा पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं उनका आपराधिक रिकॉर्ड कैसा है। उनके पास कितनी संपत्ति है और किस पार्टी ने कितने धन्ना सेठों को अपना उम्मीदवार बनाया है। चलिए जानते हैं कैसी है आपके उम्मीदवारों की आपराधिक और धन की कुंडली...

कितने आपराधिक छवि के उम्मीदवार

हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 में किस्मत आजमा रहे 1169 में से 1138 उम्मीदवारों के शपथपत्र की जांच एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने की है। इनमें से कुल 10 फीसद यानि 117 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि साल 2014 के विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा 6 फीसद था। कुल 70 उम्मीदवारों यानि 7 फीसद पर इस बार गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा भी 5 फीसद था।

दुष्कर्म के आरोपी भी चुनावी मैदान में

पार्टीवार बात की जाए तो 86 में से 9 यानि 11 फीसद बसपा उम्मीदवार, 87 में से 8 यानि 9 फीसद कांग्रेस उम्मीदवार, 87 में से 6 यानि 7 फीसद जननायक जनता पार्टी के उम्मीदवार, आईएनएलडी के 80 में से 5 यानि 6 फीसद प्रत्याशी और भाजपा के 89 में से एक उम्मीदवार के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन सबमें 5 उम्मीदवार ऐसे भी हैं, जिनपर महिलाओं के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। यही नहीं इन पांच में से 2 के खिलाफ तो आईपीसी की धारा 376 के तहत दुष्कर्म के मामले दर्ज हैं। 5 उम्मीदवार ऐसे भी हैं, जिन पर हत्या की कोशिश का केस हैं। कुल 11 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्हें दोषी घोषित किया गया है।

क्या होते हैं गंभीर आपराधिक मामले

गंभीर आपराधिक मामलों में वे मामले आते हैं, जिनमें पांच साल या उससे ज्यादा की सजा का प्रावधान हो। इसके तहत गैर जमानती अपराध, चुनाव से संबंधित अपराध, रिश्वतखोरी, सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने, हमला, हत्या, अपहरण, दुष्कर्म से संबंधित अपराधों को गंभीर प्रवृत्ति को माना जाता है। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आने वाले अपराध और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में उल्लेखित अपराध भी गंभीर माने जाते हैं।

42 फीसद उम्मीदवार हैं करोड़पति

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के अनुसार विश्लेषित 1138 उम्मीदवारों में से 481 यानि 42 फीसद उम्मीदवार करोड़पति हैं। सभी उम्मीदवारों की संपत्ति को जोड़कर अगर इसका औसत निकाला जाय तो 4.31 करोड़ होती है। हरियाणा विधानसभा के लिए चुनावी दंगल में खड़े उम्मीदवारों में से दोबारा चुनाव लड़ रहे 62 विधायकों की औसत संपत्ति 14.94 करोड़ रुपये है। पिछले चुनाव यानि साल 2014 की बात करें तो उस वक्त दोबारा चुनाव लड़ने वाले 62 विधायकों की औसत संपत्ति 11.32 करोड़ रुपये थी। फिर से चुनाव लड़ रहे 62 विधायकों की औसत संपत्ति में पिछले पांच साल में 3.62 करोड़ का इजाफा हुआ है। औसत की बात की जाए तो संपत्ति में यह बढ़ोतरी 32 फीसद दर्ज की गई।

पांच साल में करोड़ों के वारे-न्यारे

अलग-अलग पार्टियों की बात करें सिर्फ निर्दलियों की औसत संपत्ति कम हुई है। इस बार भी चुनाव लड़ रहे भाजपा के 39 विधायकों की औसत संपत्ति 2014 में जहां 7.31 करोड़ थी, वहीं इस बार यह 10.58 फीसद पहुंच गई है। फिर से चुनावी दंगल में किस्मत आजमा रहे 17 कांग्रेस विधायकों की औसत संपत्ति 2014 में 15.94 करोड़ थी, जो इस बार बढ़कर 18.99 करोड़ हो गई है। फिर से चुनाव लड़ रहे जननायक जनता पार्टी के दो विधायकों की औसत संपति 2014 में 30.49 करोड़ थी, जबकि इस बार यह बढ़कर 46.58 करोड़ हो चुकी है। पिछली बार के मुकाबले फिर से चुनाव लड़ रहे आईएनएलडी के एक विधायक की संपत्ति 43.13 करोड़ से बढ़कर 66.61 करोड़ पहुंची। तीन मौजूदा निर्दलीय विधायक जो इस बार भी किस्मत आजमा रहे हैं, उनकी पिछली बार औसत संपत्ति 13.97 करोड़ थी; जबकि इस बार उनकी औसत संपत्ति घटकर 10.45 करोड़ रह गई है।

ये उम्मीदवार हैं धन्ना सेठ

हिसार के नारनौद सीट से भाजपा उम्मीदवार कैप्टन अभिमन्यु को मंत्री के तौर पर सैलरी मिलती है, किराये के रूप में भी उनकी आमदनी होती है। इसके अलावा ट्रांस्पोर्टेशन बिजनेस, ब्याज और खेती उनके आय के स्रोत हैं। पत्नी की कुल संपत्ति को भी जोड़ दिया जाए तो इन सभी स्रोतों से उनकी कुल संपत्ति 170 करोड़ से ज्यादा है, जबकि 2014 के चुनाव के समय उनकी संपत्ति 77 करोड़ से कुछ ज्यादा थी।

कुलदीप विश्नोई हिसार की आदमपुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार हैं। पत्नी की आमदनी को मिलाकर खेती और बिजनेस से उनकी कुल संपत्ति 105 करोड़ है, जबकि 2014 के चुनाव में भी वह इसी सीट से चुनाव लड़े थे और उस वक्त उनकी कुल संपत्ति 80 करोड़ रुपये थी।

चरखी दादरी जिले की बढरा सीट से जननायक जनता पार्टी ने नैना सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। साल 2014 के चुनाव मे वह इसी जिले के डाबवली सीट से आईएनएलडी के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं। विधायक के तौर पर सैलरी, किराया, बिजनेस, ब्याज और खेती के अलावा पति की कुल संपत्ति मिलाकर उन्होंने कुल 91 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अर्जित की है, जबकि 2014 के चुनाव में उनके पास 60 करोड़ से कुछ ही अधिक थी।

Posted By: Digpal Singh

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