पंचकूला। हरियाणा की 90 विधानसभा सीटों में से 60 पर अपनी पसंद के टिकट हासिल करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा लोक लुभावन वादों के साथ जनता के बीच में हैं। कांग्रेस का चुनाव घोषणा पत्र जारी करने के बाद वह हरियाणा के दौरे पर निकल चुके हैं। कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा कुछ जगह हुड्डा के साथ हैं तो कुछ स्थानों पर अकेले प्रचार कर रही हैं।

अशोक तंवर के कांग्रेस छोड़ने के बाद पार्टी के मिजाज में काफी राजनीतिक बदलाव महसूस किया जा रहा है, लेकिन हुड्डा इस बदलाव को खास अहमियत नहीं देते। किसानों का कर्ज माफ करने, मुफ्त बिजली देने, कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान तथा महिलाओं को सरकारी व प्राइवेट नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण के वादों के साथ हुड्डा को उम्मीद है कि हरियाणा में इस बार कांग्रेस की सरकार बनेगी। हुड्डा की यह उम्मीद उन परिस्थितियों में बरकरार है, जब भाजपा 75 से अधिक विधानसभा सीटें जीतने का दावा कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के इस भरोसे की वजह जानने के लिए दैनिक जागरण के हरियाणा स्टेट ब्यूरो प्रमुख अनुराग अग्रवाल ने उनसे बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश:-

सवाल - भाजपा 75 पार का नारा दे रही और आप सरकार बनाने का दावा कर रहे। यह कैसे संभव है?

  • हरियाणा में कांग्रेस को पूरा जन समर्थन मिल रहा है। लोग अब भाजपा की झूठ की राजनीति समझने लगे हैं। उन्होंने कांग्रेस का दस साल का राज देखा और भाजपा का पांच साल का राज। लोग पूरी बारीकी के साथ सरकारों के कामकाज की तुलना कर रहे हैं।

सवाल - कांग्रेस तो फूट की शिकार है। फिर कैसे लक्ष्य हासिल होगा?

  • चुनाव से पहले सब लोग अपने-अपने ढंग से भाजपा के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे। अब वह मिलकर भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस की फूट कुछ लोगों का भ्रम मात्र है।

सवाल - आपकी पार्टी के अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर तो कांग्रेस को अब अलविदा कह चुके।

  • मैं किसी की व्यक्तिगत बातों में नहीं जाता। उन्होंने क्यों पार्टी छोड़ी, वह खुद जानते होंगे। वैसे भी पांच सालों में आज तक पार्टी को खड़ा नहीं कर पाए।

सवाल - अशोक तंवर कांग्रेस में टिकट बिकने के आरोप भी लगा रहे और इसे भाजपा मुद्दा बना रही है।

  • अशोक तंवर जिस तरह से राजनीति करते आए हैं और उनकी गतिविधियों से पार्टी को नुकसान पहुंचा, वही काम अब कर रहे हैं। उनके चले जाने का कांग्रेस को लाभ ही होगा।

सवाल - कांग्रेस नेतृत्व में अब बदलाव हो चुका और बागडोर सैलजा व आपके हाथ में है। तो क्या इसका अब विधानसभा चुनाव में कोई फायदा मिलेगा?

  • किसी भी संगठन में यदि बदलाव होता है तो उसका लाभ जरूर मिलता है। बदलाव के बाद कार्यकर्ताओं में जोश है। अगर यह बदलाव लोकसभा चुनाव से पहले होता तो पार्टी को और ज्यादा फायदा होता।

सवाल - कांग्रेस अपना चुनाव घोषणा पत्र जारी कर चुकी। अब किन मुद्दों के साथ लोगों के बीच पहुंचेंगे?

  • हमने 2005 और 2009 में जनता के साथ किए सभी वादे पूरे किए हैं। भाजपा ने 2014 में 154 वादे किए थे, मगर एक भी वादा पूरा नहीं हुआ। हमने सिर्फ वही वादे किए, जो हम पूरा कर पाने की स्थिति में होंगे।

सवाल - कांग्रेस के वादों से यह अहसास हो रहा कि सबकुछ मुफ्त मिलने वाला है। इसके लिए बजट कहां से आएगा?

  • कोई भी सरकार जब जनता के लिए काम करती है तो उसकी मंशा और नीयत साफ होनी चाहिए। बजट की व्यवस्था करना किसी भी सरकार का दायित्व है। पहले परियोजनाएं बनती हैं और फिर उनके लिए बजट का इंतजाम होता है। बजट जुटाने के बहुत से संसाधन हैं। हमने अपनी सरकारों में तमाम बड़े प्रोजेक्ट लाकर इसे कर दिखाया है। बजट की कमी से कोई प्रोजेक्ट अधूरा नहीं रहा।

सवाल - भाजपा का टारगेट एरिया रोहतक और हुड्डा का प्रभाव वाला क्षेत्र ही है?

  • आप शायद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के दौरों की बात कर रहे हैं। पीएम हर जगह जाते हैं। उन्हें जाने का अधिकार है, लेकिन प्रदेश के लोगों को भाजपा बरगलाने का काम नहीं कर सकती।

सवाल - भाजपा कहती है कि विपक्ष के पास चुनाव में जाने का कोई मुद्दा नहीं है?

  • भाजपा सरकार की विफलता, भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था, बेरोजगारी और महिलाओं के प्रति अपराध बड़े मुद्दे हैं। पूरे पांच साल कर्मचारी आंदोलन करते रहे हैं। उनका उत्पीड़न किया गया। किसानों की कोई सुनवाई नहीं हुई।

सवाल - कांग्रेस हमेशा किसानों की कर्जमाफी की बात करती है, मगर भाजपा उन्हें स्वावलंबी बनाने की?

  • मैंने पहले भी कहा कि भाजपा सिर्फ धोखा देना जानती है। कर्ज में डूबा किसान जब तक कर्जमुक्त नहीं होगा, तब तक वह स्वावलंबी कैसे हो सकता है। स्वावलंबी बनाने का दावा किसानों को बरगलाने वाला है। हमारी सरकार बनते ही चौबीस घंटे के भीतर किसानों के तमाम तरह के कर्ज माफ कर दिए जाएंगे।

सवाल - भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जब हरियाणा आते हैं तो आपकी सरकार को प्रॉपर्टी डीलिंग करने वाली सरकार की संज्ञा देते हैं।

  • 2005 और 2009 की हमारी सरकार में जितने काम विकास के हुए, उतने कभी नहीं हो पाए। हरियाणा में रेल नेटवर्क, बिजली के कारखाने, बड़े शिक्षण संस्थान, गरीबों को घर और बीपीएल को प्लाट तथा अपराधियों की गुंडागर्दी पर लगाम हमारी सरकार की देन है। भाजपा यह बता दे कि 2014 से अब तक उसने हरियाणा को कितने नए बड़े प्रोजेक्ट दिए हैं। इनके पास बताने को कुछ नहीं है तो यह बचकाने आरोप लगाते हैं।

सवाल - रोहतक रैली में आपने हरियाणा में चार डिप्टी सीएम बनाने की परिकल्पना पेश की थी, मगर कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र में इसे शामिल नहीं किया गया।

  • सरकार बनने पर मुख्यमंत्री कौन होगा, कितने मंत्री बनेंगे, कितने डिप्टी सीएम बनेगा, कौन मुख्य सचिव बनेगा, ये सब बातें बाद की हैं। चुनाव घोषणा पत्र में इसे शामिल किया नहीं जा सकता। हम चार उप मुख्यमंत्री बनाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं और सरकार बनने पर अलग-अलग वर्गो से चार डिप्टी सीएम बनाएंगे।

आखिरी सवाल- आपने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने का समर्थन किया। अब भाजपा कहती है कि आपको इसकी पहले कभी याद नहीं आई?

  • अनुच्छेद-370 को हटाने का स्वागत हमने विधानसभा में भी किया था और अब भी करते हैं, लेकिन इसे हटाने का तरीका सही नहीं था। अब बदलाव कानून में परिवर्तित हो चुका है। इसलिए ऐसी बातों का कोई मतलब नहीं है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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