चंडीगढ़। Haryana Assembly Election 2019 में नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तारीख गुजरने के साथ अब विधानसभा चुनाव के लिए विभिन्न दलों की तस्वीर भी साफ हो गई हैं। सत्तारूढ़ दल भाजपा के सामने मुख्य तौर पर विपक्षी दल कांग्रेस की चुनौती है। हालांकि, कांग्रेस आतंरिक विरोध से जूझ रही है और मोदी-मनोहर मैजिक के सामने पार्टी नेताओं को अपना चमत्कार दिखाना है। इन सबके बीच कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रधान डॉ. अशोक तंवर के तेवर और उनका इस्‍तीफा मुश्किल खड़ी करता दिखा है। हरियाणा कांग्रेस की अध्‍यक्ष कुमारी शैलजा का कहना है कि तंवर का चैप्‍टर अब खत्‍म हाे गया है।

कांग्रेस हाईकमान ने टिकट वितरण में भी पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा की ही एकतरफा सुनी, इससे प्रदेश भर में पार्टी के कई बागी उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस किन मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ.अशोक तंवर की बगावत कितना नुकसान करेगी सहित कई अन्य सवालों को लेकर दैनिक जागरण के विशेष संवाददाता बिजेंद्र बंसल ने कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा से विस्तृत बातचीत की। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश :

- मोदी-मनोहर मैजिक के सामने हरियाणा में कांग्रेस कितनी तैयार है?

- कहां मोदी-मनोहर मैजिक, जरा धरातल पर जाकर देखो, लोग बेरोजगारी, महिलाओं के साथ आपराधिक घटनाओं से त्रस्त हैं। हम एक मुद्दा पूछते हैं, लोग हमें एक हजार बताते हैं। धरातल पर कुछ नहीं है, सिर्फ जुमलेबाजी है।

- ये जुमलेबाजी तो आप लोकसभा चुनाव में भी बताते थे फिर लोगों ने आपको वोट क्यों नहीं दिए?

- क्या आपको पता नहीं है कि उस समय चुनाव से ठीक पहले देश के सामने क्या परोस दिया गया था और अब क्या परोसा जा रहा है। क्या अनुच्‍छेद 370 का इश्यू हरियाणा के बेरोजगार युवाओं को अपराध और नशे की आदत से अलग करने से भी ज्यादा बड़ा है। नशे के कारोबार को हमारी सरकार ने पंजाब में कम करने के प्रयास किए हैं मगर हरियाणा में नशे का कारोबार बढ़ रहा है। मैं तो सिरसा और अंबाला दोनों जगहों को नजदीक से जानती हूं। पंजाब से लगते इन जिलों में नशे के खिलाफ सरकार ने ध्यान नहीं दिया।

- अनुच्‍छेद 370 भी बड़ा इश्यू नहीं और भारत माता की बजाए सोनिया माता की जय बोलना?

- तो क्या हुआ, मां की जय बोलने में क्या हो गया। हमने अपने नेता को हर-हर ..., घर-घर... कहकर भगवान तो नहीं बनाया। क्या था हर-हर..., मैं गुरुग्राम के अपनी पार्टी के प्रत्याशी को तब कुछ कहूं जब इस तरह के नारे बंद हों।

- पर्यावरण को देश में भाजपा बड़ा मुद्दा बना रही है, कांग्रेस का इसमें क्या रुख रहेगा?

- कांग्रेस इस देश की सबसे बड़ी पार्टी है। कांग्रेस देश और देश के हितों से अलग नहीं जा सकती। पर्यावरण संरक्षण के लिए हमारी सरकार ने भी प्रयास किए हैं मगर कांग्रेस ने कभी अरावली की 60 हजार एकड़ जमीन बेचने के लिए सौ साल पुराने एक्ट में बदलाव नहीं किया। हरियाणा में संरक्षित वन केवल दो फीसद है, बावजूद इसके मनोहर सरकार ने अरावली को उजाड़ने के लिए हरी झंडी दिला दी। सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप नहीं होता तो क्या होता, यह हम सब सोच सकते हैं।

- मनोहर सरकार के सुशासन पर क्या कहेंगी?

- सुशासन की बात कहकर भाजपा के नेता आम जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम करते हैं। बढ़ते अपराधों के कारण 2016 से राष्ट्रीय क्राइम ब्यूरो की रिपोर्ट जारी नहीं की जा रही है। व्यापारी, किसान, मजदूर, कर्मचारी वर्ग तो इस सरकार से त्रस्त है। 4862 पदों के लिए 15 लाख बेरोजगारों के आवेदन आ रहे हैं। परीक्षार्थियों के लिए 200 किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र बनाए गए। फिर भी न जाने किस आधार पर ये सुशासन की बात करते हैं।

- पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ.अशोक तंवर के आरोपों को कितना सही मानती हैं?

- अब जो कांग्रेस में है ही नहीं, उसके आरोपों के बारे में क्या कहा जा सकता है। कांग्रेस एक विचारधारा है, इससे जब तक जो जुड़ा रहता है, वह संवेदनशील रहता है। पार्टी में व्यक्ति नहीं, बल्कि उसके विचार बड़े होते हैं। अब तंवर का चैप्टर क्लोज, कुछ और बात करो।

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- विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का चेहरा कौन होगा?

- सब कांग्रेस के चेहरे हैं। जो प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं, वे सब चेहरे हैं। जीतने के बाद वे ही अपने में से एक को चुनकर चेहरा बनाएंगे।

- चुनाव घोषणा पत्र कब सामने आ जाएगा?

- लगभग तैयार है, कभी भी सामने आ सकता है।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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