चंडीगढ़, [अनुराग अग्रवाल]। Loksabha election 2019 की सरगर्मी के बीच हरियाणा की राजनीति में नया ट्विस्‍ट आ सकता है। हाल में भाजपा में शामिल हुए पूर्व सांसद अरविंद शर्मा और कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्‍नोई को लेकर एक बार फिर सस्‍पेंस पैदा हो गया है। इनकी सक्रियता के कारण हिसार, करनाल और रोहतक लोकसभा सीटें चर्चित हो गई हैैं। इन सीटों पर अभी तक सभी दलों ने उम्मीदवार भी घोषित नहीं किए हैं।

हिसार, करनाल और रोहतक लोकसभा सीटों को लेकर चर्चाएं गर्म

डाॅ. अरविंद शर्मा के करनाल से भाजपा टिकट नहीं मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं से संपर्क में होने की चर्चाएं हैं तो कुलदीप बिश्नोई की राजनीतिक गतिविधियां भी कांग्रेस के लिए परेशानी पैदा करने वाली हो सकती हैं।  करनाल से टिकट कटने के बाद रोहतक से टिकट मिलने की अटकलों के बीच डाॅ. अरविंद शर्मा के कांग्रेस में वापसी की खबरें तेजी से वायरल हो रही हैैं। तीन बार सांसद रह चुके अरविंद शर्मा पिछले दिनों भाजपा में शामिल हुए थे और करनाल लोकसभा सीट से टिकट के प्रबल दावेदार थे। भाजपा ने करनाल से संजय भाटिया को उम्मीदवार बनाया है।

अरविंद शर्मा के करनाल से चुनाव लडऩे की अटकलें, कांग्र्रेस दिग्गजों से बढ़ाया संपर्क

अरविंद शर्मा को रोहतक लोकसभा सीट से कांग्र्रेस के दीपेंद्र हुड्डा के सामने लड़ाने की चर्चा है। अरविंद शर्मा ने हालांकि इससे इन्कार नहीं किया है, लेकिन करनाल उनकी प्राथमिकता में शामिल रहा है। भाजपा ने सोनीपत में ब्राह्मण रमेश कौशिक को दोबारा टिकट दे दिया है, इसलिए अरविंद शर्मा को रोहतक से टिकट दिए जाने की संभावना काफी कम है।

भाजपा हाईकमान की इस रणनीति को भांपते हुए अरविंद शर्मा कांग्र्रेस में वापसी का दांव खेल सकते हैैं। उनके कांग्र्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला, भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अशोक तंवर के संपर्क में होने की खबरें हैैं। यदि कांग्र्रेस अरविंद शर्मा को करनाल से टिकट देती है तो वह भाजपा के लिए खासी मुश्किलें खड़ी कर सकते हैैं। अरविंद शर्मा की कांग्रेस हाईकमान के संपर्क में भी होने की सूचनाएं हैैं, लेकिन वह खुद इससे इन्कार कर रहे हैैं।

कुलदीप बिश्नोई टटोल रहे कार्यकर्ताओं का मन, भाजपा का गैर जाट नेतृत्व बड़ी बाधा

दूसरी चर्चा , कुलदीप बिश्नोई को लेकर है। कांग्रेस के गैर जाट नेता के रूप में स्थापित कुलदीप बिश्नोई हिसार से टिकट के प्रबल दावेदार हैैं। वह अपने बेटे भव्य बिश्नोई को चुनाव लड़ाना चाहते हैैं। कांग्रेस भव्य की बजाय कुलदीप को ही टिकट देने के हक में है। भव्य को चुनावी समर में उतारने के लिए कुलदीप के भाजपा दिग्गजों के संपर्क में होने की खबरें आ रही हैैं।

कुलदीप ने भाजपा के साथ गलबहियां आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर अपने प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ रायशुमारी की है, लेकिन अधिकतर कार्यकर्ताओं ने उन्हें कांग्र्रेस में ही रहने की सलाह दी। कुलदीप चूंकि गैर जाट नेता हैैं, इसलिए भाजपा का गैर जाट नेतृत्व भी उनकी राह में बड़ा रोड़ा बना हुआ है। कांग्र्रेस को ही गैर जाट नेतृत्व की दरकार है। इसलिए पार्टी किसी सूरत में नहीं चाहती कि कुलदीप हाथ का साथ छोड़कर जाएं।

भाजपा हाईकमान कुलदीप की पार्टी में एंट्री कराने के हक में है, लेकिन गैर जाट नेताओं ने पार्टी में समानांतर नेतृत्व खड़ा करने से परहेज कर लिया है। भाजपा के गैर जाट नेतृत्व को लग रहा कि यदि कुलदीप की एंट्री हुई तो वे दिक्कत पैदा कर सकते हैैं। ऐसे में अब कुलदीप के सामने कांग्रेस के टिकट पर हिसार से ताल ठोंकने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दक्षिण हरियाणा के दौरे पर साफ कर दिया कि कुलदीप बिश्नोई उनकी पार्टी के संपर्क में नहीं हैैं।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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