राज्य ब्यूरो, अहमदाबाद। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने नोटबंदी के बाद भाजपा नेताओं के कथित लेन-देन पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कश्मीर में महबूबा मुफ्ती के साथ भाजपा के गठबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि आतंकी बुरहान वानी को मार गिराने के बाद उनके परिवार को नौकरी का ऑफर दिया गया जबकि गुजरात में शहीद की बेटी को सभा से बाहर निकलवा दिया।

अहमदाबाद में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव गांधी भवन पर पत्रकार वार्ता में नोटबंदी के पहले व बाद में देश के कई शहरों में पकड़ी गई नकदी व भाजपा कार्यालयों के नाम पर ली गई जमीनों पर सवाल उठाते हुए सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि गुजरात में शाह जिस सहकारी बैंक का संचालन करते हैं, नोटबंदी के दौरान यहां करोड़ों का अवैध लेन-देन हुआ। प्रधानमंत्री मोदी को इसकी जांच करानी चाहिए। महाराष्ट्र के मंत्री की कार से 51 लाख कैश मिला। गाजियाबाद में भाजपा नेता की कार से तीन करोड़ रुपये मिले। वहीं 8 नवंबर को भाजपा के खाते में एक करोड़ रुपया जमा हुआ। पीएम को इसकी जांच करानी चाहिए।

सुरजेवाला ने कहा कि गुजरात में सीएम रुपाणी की सभा में शहीद की बेटी ने हक मांगा तो उसे बाहर निकलवा दिया लेकिन कश्मीर में आतंकी कमांडर बुरहान वाणी को सेना मार गिराती है तो उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह कहते हैं कि वानी दुर्घटनावश मारा गया। उस के यहां होने का पता होता तो कुछ बीच का रास्ता निकालते।

कांधार मामला उठाते हुए सुरजेवाला ने कहा कि जैश-ए-मुहम्मद के मसूद अजहर, मुश्ताक जर्गर व उमर शेख को भाजपा के तत्कालीन मंत्री विमान में बिठाकर कांधार छोड़कर आए थे। भोपाल में भाजपा की आइटी सेल के संयोजक आइएस की दलाली करते पकड़े गए। उस पर भाजपा ने कभी कुछ नहीं बोला।

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Edited By: Ravindra Pratap Sing