नई दिल्ली, जेएनएन। गुजरात और हिमाचल चुनाव से पहले की गई भविष्यवाणियां सच साबित हो रही हैं। कई ज्योतिषियों ने पहले ही कह दिया था कि गुजरात के चुनावी रण में जीत आसानी से नहीं मिल पाएगी। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल एक दूसरे पर भारी बने रहेंगे। राजनीतिक पंडितों के साथ-साथ ज्योतिष भी अपने-अपने हिसाब से गणित लगाने में लग थे। इनका गणित आज हकीकत में बदलता दिखा। रुझानोंं में कभी कांग्रेस आगे तो कभी भाजपा। ज्योतिषाचार्यों का आकलन था कि हर दिन ग्रहों की दिशा बदलती है। ऐसे में सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है। ज्योतिष पीएम मोदी को पहली पसंद जरूर बता रहे थे लेकिन उनकी भविष्यवाणी में जीत के फासले की बात नहीं थी। कांटे की टक्कर का अनुमान सही भी साबित हुआ।

ज्योतिषाचार्यों की मानें तो राजतंत्र के बारे में कभी भी फलांदेश नहीं करना चाहिए। वाराणसी के रहने वाले ज्योतिषाचार्य आचार्य वैभव ने कहा था कि, गुजरात में परिस्थितियां पहले की तुलना में बदली हुई दिखाई दे रही हैं। इसलिए इस मुद्दे पर कुछ भी बोलना ठीक नहीं होगा। अगर कुछ लोगों के मन की बात न बोलूं तो वह सोशल मीडिया पर लठैती करने लगते हैं। 

चंडीगढ़ के ज्योतिषाचार्य भारती शर्मा ने कहा था कि साल 2014 से चल रही नरेंद्र मोदी लहर इस बार नहीं रहेगी। गुजरात में पहले की तुलना में भाजपी की सीटों की संख्या में कमी आएगी। हिमाचल प्रदेश में भी काफी मेहनत के बाद सरकार बनेगी। मोदी जी पर शनि की साढ़े साती चल रही है क्योंकि चंद्रमा उनके भाग्य स्थान का मालिक है इसलिए मोदी जी का अभी तक जादू चल रहा था और उनके लिए यह पॉजिटिव था। लेकिन, 26 अक्टूबर 2017 से मोदी जी की पहली वाली स्थिति नहीं रहेगी। अब मोदी जी अगर अच्छी बात भी करेंगे तो वह उनके विपरीत जाएगी। उन्होंने यह भी कहा था कि विपक्ष मजबूत नहीं है इसलिए भाजपा जीत तो जाएगी लेकिन सीटें कम आएंगी।

याद दिला दें कि साल 2014 में जब चुनावी विश्लेषक और मीडिया यह फैसला नहीं कर पा रहे थे कि अब की बार किसकी सरकार बनेगी। उस समय ग्रहों के गणित को समझने वाले कई ज्योतिषाचार्यों ने बता दिया था कि अब की बार किसकी सरकार बनेगी।

Edited By: Gunateet Ojha