नई दिल्ली [सुधीर कुमार]। पूर्वी दिल्ली नगर ने अब हाइटेक निगम की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। पूर्वी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में सभी मकानों के संपूर्ण विवरण को स्मार्ट कार्ड में समेटने का कार्य तेजी से शुरू हो गया है। करीब डेढ़ लाख संपत्तियों स्मार्ट कार्ड यानि यूपिक कार्ड (विशिष्ट संपत्ति पहचान कोड) बन गया है। शुक्रवार को पूर्वी दिल्ली नगर निगम मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में स्मार्ट कार्ड बांटने का काम शुरू किया गया। पहला स्मार्ट कार्ड भाजपा के चिकित्सा प्रकोष्ठ के डॉ. अनिल गोयल को दिया गया। इसके साथ ही संपत्ति कर प्रबंधन पोर्टल को भी लांच किया गया।

इस मौके पर पूर्वी दिल्ली की महापौर अंजू कमलकांत, उप महापौर, संजय गोयल, स्थायी समिति चेयरमैन संदीप कपूर, नेता सदन, निर्मल जैन, दोनों जोन के चेयरमैन, पार्षद निगम आयुक्त डॉ. दिलराज कौर सहित कई अधिकारी और आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

दिया जा रहा यूपिक कार्ड

महापौर ने कहा कि संपत्ति धारकों को यूपिक कार्ड प्रदान किए जाने का कार्य शुक्रवार से शुरू कर दिया गया है। उम्मीद है कि मार्च 2020 तक सभी संपत्तिधारकों को यूपिक कार्ड प्रदान कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना आम लोगों के हित में है।

स्थायी समिति अध्यक्ष संदीप कपूर ने कहा कि यूपिक कार्ड से संपत्ति कर भुगतान और अधिक सरल, सुगम व पारदर्शी हो जाएगा। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, कारोबारी सुगमता, सिंगल विंडो और डिजिटल इंडिया विजन की ओर एक अहम कदम है। इसके माध्यम से निगम क्षेत्र में मौजूद सभी संपत्तियों का विवरण निगम के पास उपलब्ध रहेगा और इससे सभी संपत्तियों से कर वसूली में भी भरपूर मदद मिलेगी। संपत्तियों का आकलन होने और कर वसूली में वृद्धि होने से निगम अपने क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं प्रदान कर सकेगा। उन्होंने बताया कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम के 64 में से 32 वार्डों में संपत्तियों का सर्वे कर लिया गया है और जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा जिसके बाद सभी संपत्ति धारकों के पास अपनी यूपिक आईडी होगी।

पोर्टल लांच होने से संपत्ति कर का प्रबंधन हो जाएगा पारदर्शी

नेता सदन निर्मल जैन ने कहा कि यूपिक कार्ड के साथ-साथ जो पोर्टल लांच किया जा रहा है उससे संपत्ति कर का प्रबंधन सरल व पारदर्शी हो जाएगा। संपत्ति कर संबंधी शिकायतों का निवारण भी इससे होगा और संपत्ति कर डाटा से संबंधित पासबुक भी जेनरेट होगी। कर दाता का रिकॉर्ड भी इसमें प्रदर्शित होगा।

निगमायुक्त ने कहा कि दिल्ली नगर निगम अधिनियम के तहत सभी संपत्तियों को एक पहचान देने व उन्हें कर दायरे में शामिल करने के उद्देश्य से यूपिक कार्ड योजना शुरू की गई है। यह काम अप्रैल 2019 में शुरू हुआ और हमें उम्मीद है कि मार्च 2020 तक हम पूर्वी दिल्ली की सभी संपत्तियों को कर दायरे में शामिल कर लेंगे। निगमायुक्त ने संपत्ति कर विभाग की तारीफ करते हुए कहा कि विभाग ने इस कार्य के लिए काफी मेहनत की।

संपत्तियों को विशिष्ट नंबर मिलने शुरू हुए

यूपिक कार्ड में क्यू आर कोड लगा हुआ है। जिससे मोबाइल पर भी संपत्ति विशेष का पूरा विवरण देखा जा सकता है। यूपिक कार्ड के माध्यम से सभी संपत्तियों को विशिष्ट नंबर दिए गए हैं।

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Posted By: Mangal Yadav

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