नई दिल्ली, जेएनएन। प्रदेश महिला कांग्रेस ने रविवार को राजीव भवन में 36वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी के नेतृत्व में ध्वजारोहण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलोठिया व देवेंद्र यादव भी उपस्थित रहे। इस बार कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी ताकत का पूरा इस्‍तेमाल कर पार्टी को बेहतर स्‍थान दिलाने की उम्‍मीद से मैदान में उतरेगी। 

महिलाओं की बेहतर स्‍थिति के लिए पार्टी का प्रयास
शर्मिष्ठा ने कहा कि 15 सितंबर 1983 से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के अनुमोदन के बाद से अखिल भारतीय महिला कांग्रेस ने एआइसीसी के भीतर स्वतंत्र फ्रंटल संगठन के रूप में कार्य करना शुरू कर दिया था। संगठन मुख्य रूप से सामाजिक कार्यों में शामिल रहा। साथ ही महिलाओं की बेहतर स्थिति के लिए भी पार्टी हमेशा से प्रयास करती रही है।

महिलाओं की स्थिति की समीक्षा
शर्मिष्ठा ने यह भी कहा कि महिला कांग्रेस ने समय-समय पर देश में महिलाओं की स्थिति की समीक्षा की और दहेज निषेध अधिनियम (1961) मातृत्व लाभ अधिनियम (1961) यौन उत्पीड़न जैसे महिलाओं की बेहतरी के लिए उपयुक्त नीतियां और नियम बनाए।

2013 में बना है महिला उत्‍पीड़न रोकथाम का नियम
कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न (रोकथाम और संरक्षण अधिनिय (2013) नियम भी बनाया। महिला और बाल विकास विभाग की स्थापना भी देश में महिलाओं की जरूरतों पर विशेष ध्यान देने के लिए सन 1985 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा ही की गई थी।

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Posted By: Prateek Kumar

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