राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ ही अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भी मैदान में उतरेंगे। लोकसभा चुनाव की तरह इस विधानसभा चुनाव में भी गोष्ठी के साथ ही स्वयंसेवक घर-घर जाकर राष्ट्रवाद का अलख जगाएंगे। इस काम में किसी तरह की कोताही न हो, इसके लिए समन्वयकों की भी तैनाती की जा रही है।

विधानसभा चुनाव में स्वयंसेवकों ने रखा 40 हजार बैठकों का लक्ष्य

लोकसभा चुनाव में स्वयंसेवकों ने पूरी दिल्ली में करीब 30 हजार बैठकें की थीं। इस बार बैठकों की संख्या बढ़ाकर 40 हजार करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि समाज के सभी वर्गो तक अपनी बात पहुंचाई जा सके। दरअसल, इन दिनों नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार से संघ भी चिंतित है।

वोट बैंक की राजनीति में सीसीए को लेकर विपक्ष लोगों को कर रही गुमराह- संघ

संघ का मानना है कि वोट बैंक की राजनीति में भाजपा विरोधी पार्टियां सीसीए को लेकर लोगों गुमराह कर रही हैं। इसे ध्यान में रखकर लोकसभा की तुलना में ज्यादा बैठक करने के साथ ही जनसंपर्क अभियान चलाने का फैसला किया गया है। स्वयंसेवक लोगों से मिलकर उन्हें सीसीए की सच्चाई बताएंगे। इसके साथ ही देश को कमजोर करने की चल रही साजिश के बारे में बताएंगे।

संघ ने भाजपा पदाधिकारियों के साथ की कई मुद्दों पर चर्चा

बताते हैं कि पिछले दिनों संघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश भाजपा के पदाधिकारियों व सांसदों के साथ दिल्ली के चुनावी हालात, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने और सीएए का चुनाव पर असर आदि मुद्दों पर चर्चा की है।

भाजपा और संघ के बीच तालमेल

भाजपा और संघ के बीच तालमेल बनाकर चुनाव प्रचार को आगे बढ़ाने के लिए समन्वयकों की भी तैनाती की जा रही है। लोकसभा क्षेत्र से लेकर खंड स्तर पर समन्वयक तैनात होंगे। स्थानीय स्तर पर चुनावी माहौल को लेकर वह अपनी रिपोर्ट भी देंगे, ताकि समय रहते चुनाव प्रचार में जरूरी सुधार किया जा सके।

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