नई दिल्ली, जागरण संवाददाता।Delhi Assembly Election 2020: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 दिसंबर को रामलीला मैदान में रैली करके विधानसभा चुनाव प्रचार का शंखनाद करेंगे। पहले इसी तारीख को बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन करने की योजना थी, लेकिन अब इसमें बदलाव किया गया है। अनधिकृत कॉलोनी में रहने वालों को मालिकाना हक देने के फैसले के बाद इसे चुनावी मुद्दा बनाने के लिए रामलीला मैदान में रैली करके प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया जाएगा। इसे सफल बनाने के लिए प्रदेश के सात वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। अगले तीन दिनों तक उन्हें विधानसभा स्तर पर बैठक करने का निर्देश दिया गया है।

जोर-शोर से उठेगा अनधिकृत कॉलोनियों का मामला

भाजपा नेताओं का कहना है कि मोदी सरकार के फैसले से अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लगभग 40 लाख लोगों को लाभ होने जा रहा है। इसे पार्टी मुख्य चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि इसके जरिये आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की मुफ्त की योजनाओं का सामना किया जा सकता है।

कार्यकर्ता सम्मेलन को धन्यवाद रैली में बदला गया

इसे ध्यान में रखकर कार्यकर्ता सम्मेलन को धन्यवाद रैली में बदलने का फैसला किया है। पिछले दिनों भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने दिल्ली के नेताओं के साथ बैठक करके रैली की तैयारी पर चर्चा की। प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी व प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।

यहां चल रही तैयारी

वहीं, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय को उत्तर पश्चिमी दिल्ली, प्रदेश सह प्रभारी तरुण चुघ को नई दिल्ली, नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता को पूर्वी दिल्ली, मिजोरम के प्रभारी पवन शर्मा को दक्षिणी दिल्ली, महामंत्री कुलजीत चहल को उत्तर पूर्वी दिल्ली, राजेश भाटिया को पश्चिमी दिल्ली और रविंद्र गुप्ता को चांदनी चौक संसदीय संसदीय क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। इन्हें पांच, छह व सात दिसंबर को संसदीय क्षेत्र में आने वाले सभी विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं, अनधिकृत कृलोनियों के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन व अन्य संस्थानों के साथ बैठक करने को कहा गया है। 

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