नई दिल्लीए जेएनएन। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीपीसी) के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर जम्मू कश्मीर के सिखों को अल्पसंख्यक का दर्जा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद अब वहां रहने वाले सिखों के अन्य लंबित मामले भी हल किए जाने चाहिए।

विशेष अदालत स्‍थापित करने की मांग

मनजिंदर सिंह सिरसा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए विशेष अदालत स्थापित करने सहित अन्य समस्याएं हल करने की मांग की है।

आबादी महज दो फीसद

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में सिखों की आबादी सिर्फ दो फीसद है। इसके बावजूद उन्हें अल्पसंख्यक का दर्जा नहीं दिया गया, जबकि देश के अन्य हिस्सों में उन्हें यह दर्जा मिला हुआ है।

अब तक नहीं मिला कोई मुआवजा

सिरसा ने कहा कि आतंकवाद के कारण जम्मू-कश्मीर छोड़ कर जाने वाले सिखों को अब तक कोई मुआवजा नहीं मिला है। इन्हें कश्मीरी पंडितों की तरह मुआवजा मिलना चाहिए।

सिख विरोधी दंगा पीड़ित इंसाफ का कर रहे हैं इंतजार

सिरसा ने कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगे के पीड़ित वर्षो से इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं। इसलिए विशेष अदालत स्थापित करके सभी मामलों का जल्द निपटारा किया जाए। उन्होंने गृहमंत्री से अफगानिस्तान से आए हुए सिखों व हिंदुओं को नागरिकता देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद की वजह से लगभग 20 हजार सिख व हिंदू अफगानिस्तान से आकर भारत में रह रहे हैं। इन्हें नागरिकता नहीं मिलने की वजह से कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि चुनाव में यह सिखों से जुड़ा मुद्दा कई बार उठ चुका है।

दिल्‍ली-एनसीआर की खबरों को पढ़ने के लिए यहां करें क्‍लिक

Posted By: Prateek Kumar

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस