नई दिल्‍ली, ऑनलाइन डेस्‍क। Delhi Assembly Election 2020:  दिल्‍ली में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस में फिर से एक बार गुटबाजी सामने आ गई है। एक बड़े नेता योगानंद शास्‍त्री (Yoganand Shastri resign) ने पार्टी से इस्‍तीफा दे दिया है। योनानंद शास्‍त्री पूर्व विधानसभा अध्‍यक्ष रह चुके हैं। शीला दीक्षित सरकार में मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष रहे डॉ. योगानंद शास्त्री ने प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा के साथ वैचारिक मतभेदों का हवाला देते हुए शनिवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया।

पार्टी छोड़ने से पहले लगाए आरोप

उन्‍होंने पार्टी से इस्‍तीफा देने से पहले दिल्‍ली प्रदेश अध्‍यक्ष सुभाष चोपड़ा पर कई तरह के आरोप भी लगाए। उन्‍होंने कहा कि सुभाष चोपड़ा किसी को सम्‍मान नहीं देते। उन्‍होंने यहां तक कह दिया कि चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन समाजसेवा करते रहेंगे।

डॉ. योगानंद शास्त्री का कहना है कि उन्होंने पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से व्यथित होकर कांग्रेस के प्रभारी पीसी चाको को इस्तीफा भेज दिया है। शास्त्री ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस के कुछ नेताओं पर टिकट बेचने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस की कमान ऐसे व्यक्ति के पास है जो किसी का सम्मान नहीं करता है। साथ ही ऐसे लोगों से घिरा है जो विधानसभा चुनाव के टिकट बेचने में लिप्त हैं।

वहीं सुभाष चोपड़ा और चाको ने शास्त्री का इस्तीफा मिलने से इन्कार किया। चाको ने कहा कि उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है और न ही उनका इस्तीफा मिला है। वहीं चोपड़ा ने कहा कि योगानंद शास्त्री हमारे वरिष्ठ नेता हैं, उन्हें नहीं पता है कि उन्होंने इस्तीफा दिया है। टिकट बेचने के आरोप पर सुभाष का कहना था कि पार्टी में टिकट पाने वालों की लंबी कतार है। छोटी-मोटी नाराजगी हो सकती है, लेकिन कांग्रेस ने जिस तरीके से पिछले महीनों में संघर्ष किया है, उससे दिल्ली की जनता प्रभावित है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि महरौली विधानसभा सीट से टिकट नहीं मिलने की आशंका से योगानंद शास्त्री नाराज चल रहे थे। वहीं पार्टी उनकी बेटी प्रियंका सिंह को आरके पुरम से उम्मीदवार बनाने को तैयार है और दोनों को टिकट देने के पक्ष में नहीं है।

कांग्रेस में अक्‍सर सामने आती है गुटबाजी

बता दें कि कांग्रेस कई दिनों से गुटबाजी में उलझी पड़ी है। कांग्रेस ने अभी तक किसी प्रत्‍याशी के नामों को घोषणा नहीं की है। वहीं आम आदमी पार्टी ने अपने सभी और भारतीय जनता ने अपनी पहली लिस्‍ट जारी कर 57 सीटों के लिए अपने प्रत्‍याशियों के नामों की घोषणा कर चुकी है।

इधर, चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के 29 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इस तरह उल्लंघन के अब तक कुल 116 मामले पंजीकृत किए गए हैं। इनमें से 111 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है व पांच मामलों में डीडी एंट्री की गई है। आप के खिलाफ तीन, कांग्रेस के खिलाफ दो और भाजपा के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, आप के खिलाफ अब तक नौ व कांग्रेस के खिलाफ चार मामले दर्ज हुए हैं। इसमें चुनाव प्रचार के लिए बैनर-पोस्टर लगाकर संपत्तियों को बदरंग करने का आरोप है। वहीं आर्म्स एक्ट में दर्ज मामलों की संख्या 126 से बढ़कर 140 हो गई। इन मामलों में अब तक 156 लोग गिरफ्तार हुए हैं।

इस बार दिल्‍ली में विधानसभा चुनाव 8 फरवरी को है वहीं मतगणना 11 फरवरी को होगी। इस बार जहां आम आदमी पार्टी पर अपने पुराने प्रदर्शन को दुहराने का दबाव है वहीं भाजपा और कांग्रेस में सत्‍ता के लिए वापसी का मौका है।

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Posted By: Prateek Kumar

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