नई दिल्ली [प्रियंका दुबे मेहता]। Delhi Election 2020 :  कालकाजी से कांग्रेस प्रत्याशी शिवानी चोपड़ा अगर चुनावी परिधान न पहनें तो कोई नहीं कह सकता कि वे दिग्गजों को टक्कर देने के लिए सियासी मैदान में उतरी हैं। भले ही पिता राजनीति में सक्रिय रहे हैं, लेकिन शिवानी इस क्षेत्र में कभी आना नहीं चाहती थीं। वे उन्मुक्त पक्षी की तरह जीवन जीती थीं और किंग व मार्टिन लूथर थर्ड की चैरिटेबल संस्थाओं के साथ जुड़कर कमजोरों व शोषित वर्ग की मदद किया करती थीं।

बदल गई दिनचर्या

शिवानी का कहना है कि चुनावी रण में उतरने से पहले वे एक आजाद परिंदा थीं, बावजूद इसके एक अनुशासित जीवन जीती थीं। अब मात्र दो से तीन घंटे की नींद और दिनभर लोगों से मिलना-जुलना, पद यात्रा और प्रचार ने इस वक्त उनके जीवन को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। छह बजे उठती हैं और रात को ग्यारह बजे घर पहुंचती हैं। इसके बाद घंटों का समय अगले दिन की योजना बनाने में लग जाता है।

खुद बनाती हैं अपना भोजन

शिवानी बचपन से ही बोर्डिंग में रही हैं। उसके बाद विदेश चली गईं, ऐसे में घर का खाना उन्हें बहुत कम ही मिल सका है। अब वे अपना भोजन स्वयं बनाती हैं। घर के खाने की शौकीन शिवानी शाकाहारी हैं। चीज व पनीर जैसी चीजें वे वनस्पतियों से खुद तैयार करती हैं। पार्टी का शौक न होकर शिवानी को घंटों किचन में बिताना पसंद है।

पालतू कुत्ते में बसती है जान

चुनाव प्रचार के दौरान शिवानी को समय नहीं मिलता कि वे परिवार के सदस्यों से भी मिल पाएं। वे बताती हैं कि एक घर में रहते हुए तीन दिन से पिताजी को नहीं देखा है। उनका पालतू कुत्ता ‘लंदन’ उनकी जिंदगी है। इस व्यस्त शेड्यूल में भी कुछ समय निकालकर वे उसके साथ जी भर कर मस्ती करती हैं।

घर में योग करतीं शिवानी चोपड़ा

शिवानी इस समय इतनी फिट और कूल नजर आती हैं तो उसके पीछे उनकी योग और प्राणायाम की शक्ति है। हालांकि, इस समय योग नहीं कर पा रही हैं पर कुछ देर का प्राणायाम उन्हें इस भागदौड़ में सुकून देता है। शिवानी क्रॉस कंट्री साइकिलिस्ट भी हैं और यूरोप से लेकर दक्षिण पूर्व एशिया व अन्य देशों तक में करीब पांच हजार किलोमीटर की साइकिलिंग अकेले कर चुकी हैं। दिल्ली में साइकिलिंग को लेकर उनका कहना है कि वे सोलो साइकिलिंग करती हैं और तीन वर्ष पहले दिल्ली में उनके साथ ऐसी घटना हुई कि उन्होंने साइकिलिंग छोड़ दी।

‘गुरु वॉल’ से लेती हैं दिनभर की ऊर्जा

चुनाव के बाद पूरे एक दिन शिवानी बस सोना चाहती हैं। उनका कहना है कि इस समय वे पूरी नींद नहीं ले पा रही हैं। शरीर थक रहा है, लेकिन मन में उत्साह बरकरार है। शिवानी के घर में उनकी व्यक्तिगत ‘गुरु वॉल’ बनी हुई है, इसमें सभी देवी-देवता बने हए हैं। वे इस वॉल को नमन करके निकलती हैं और शाम तक इसी की शक्ति से काम करती हैं।

म्यूजिक बहुत पसंद है

खाली समय में शिवानी भजन व मेडिटेटिव संगीत सुनती हैं। उन्हें शांत और सूदिंग (हल्का) म्यूजिक बहुत पसंद है। अमेरिकी गायक कृष्णा दास के भजनों को सुनकर उन्हें नई ऊर्जा और दिमागी सुकून मिलता है। समय मिलता है तो वे उसमें फिल्में देख लेती हैं। इसके अलावा वास्तविक कहानियां और सकारात्मक किताबें पढ़ती हैं। शिवानी बताती हैं कि ब्राजील के लेखक पाउलो कोएलो को पढ़कर जीवन में सकारात्मकता आई है।

हल्के मेकअप के साथ रफ एंड टफ पहनावा है पसंद

शिवानी को हेयर स्टाइलिंग से लेकर बेसिक मेकअप बहुत पसंद है। वे प्रचार के दौरान भी मेकअप करती हैं, लेकिन पहनावे में उन्हें रफ एंड टफ लुक भाता है। वे बताती हैं कि वे साइकिलिस्ट हैं। इसलिए उन्हें साइकिल पर कई दिनों के लिए कपड़े साथ लेकर जाने होते थे। ऐसे में वे जींस, टीशर्ट, पैंट्स को प्राथमिकता देती थीं। वही उनका सिग्नेचर स्टाइल हो गया है।

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Posted By: JP Yadav

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