नई दिल्ली [संतोष कुमार सिंह]। एक समय था, जब व्यावसायिक गतिविधियों के लिए मशहूर सदर बाजार की सियासत कांग्रेस के आसपास घूमती थी। कांग्रेस नेता राजेश जैन लगातार तीन बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अब यहां का सियासी मिजाज बदल गया है।

कांग्रेस के इस मजबूत गढ़ में आम आदमी पार्टी (आप) ने सेंध लगा दी है और भाजपा की स्थिति भी पहले से मजबूत हुई है। पिछली बार कांग्रेस के दिग्गज अजय माकन खुद मैदान में उतरे थे, लेकिन उन्हें भी पराजय का सामना करना पड़ा था। आप के सोमदत्त वर्ष 2013 के बाद वर्ष 2015 में भी चुनाव जीते।

1993 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में भाजपा के हरिकृष्ण ने कांग्रेस के हरचरण सिंह जोशी को 1339 मतों से पराजित किया था, लेकिन उसके बाद से भाजपा को इस सीट पर जीत नसीब नहीं हुई है। 1998 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सदर बाजार से चेहरा बदलकर राजेश जैन को चुनाव मैदान में उतारा और उन्होंने भारी अंतर से हरिकृष्ण को पराजित कर विधानसभा पहुंचे। 2003 में जैन ने भाजपा के प्रोफेसर रघुवंश सिंघल को तथा 2008 में जय प्रकाश को पराजित किया।

आप के मैदान में उतरने से कांग्रेस के दबदबे वाले इस सीट का राजनीतिक समीकरण बदल गया है। 2013 चुनाव में आप के सोमदत्त ने भाजपा के जयप्रकाश को 796 मतों से पराजित कर सदर का प्रतिनिधित्व किया था। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने माकन को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वह तीसरे नंबर पर रहे थे। भाजपा ने प्रवीण जैन को मैदान में उतारा था, लेकिन वह चुनाव नहीं जीत सके।

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