नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Delhi Assembly Elections 2020: दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजधानी में राजनीतिक दलों का चुनाव-प्रचार आक्रामक रुख अख्तियार कर चुका है। इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सवालों का जवाब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट से दिया। शाह ने जनसभा में पूछा था कि जरा बताएं केजरीवाल जी, दिल्ली में आपने कितने स्कूल बनाए। 15 लाख सीसीटीवी कैमरा लगाने की बात कही थी और कुछ ही सीसीटीवी लगाकर जनता को बेवकूफ बना रहे हो।

इस पर भी सीएम केजरीवाल ने टवीट कर कहा, मुझे खुशी है कि आपको कुछ सीसीटीवी कैमरे तो दिखाई दिए। कुछ दिन पहले तो आपने कहा था एक भी कैमरा नहीं लगा, थोड़ा समय निकालिए, आपको स्कूल भी दिखा देते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे बेहद खुशी है कि दिल्ली के लोगों ने राजनीति बदली है जो यहां भाजपा को सीसीटीवी, स्कूल और कच्ची कॉलोनियों के नाम पर वोट मांगने पड़ रहे हैं।

केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ' गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली की शिक्षा क्रांति देखने के लिए कुछ दिन तो गुजारिए हमारे स्कूलों में। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में आपका स्वागत करेंगे। देश के गृहमंत्री होने के नाते आपके कोई सुझाव हो तो चुनाव के बाद उन पर भी काम करेंगे।

पटपडग़ंज में रोड शो करें शाह, मैं स्कूल दिखा दूंगा : सिसोदिया

उधर, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पटपडग़ंज विधानसभा क्षेत्र में रोड शो करें। उन्हें दूरबीन लेकर स्कूल ढूंढने की जरूरत नहीं है, वह उन्हें नया बना स्कूल दिखा देंगे। दरअसल सिसोदिया उनके उस आरोप का जवाब दे रहे थे, जिसमें शाह ने नए स्कूलों का निर्माण नहीं कराए जाने का आरोप लगाया है।

पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि गृहमंत्री पटपडग़ंज में कोई भी जनसभा या रोड शो रख लें, वह उन्हें दिल्ली सरकार द्वारा बनाया गया ऐसा स्कूल दिखाएंगे, जो भाजपा शासित किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री ने अपने राज्य में न तो देखा होगा और न ही बनवाया होगा। यही नहीं सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के अन्य किसी क्षेत्र में शाह चाहें तो वहां भी वह स्कूल दिखा सकते हैं।

अरविंद केजरीवाल सरकार में न केवल नए स्कूलों का निर्माण हुआ है, बल्कि दिल्ली के पुराने स्कूलों की भी कायापलट हुई है। सिसोदिया ने कहा कि भाजपा के सातों सांसदों ने 6 साल में कोई काम किया होता, तो शाह को इस प्रकार के जुमले बोलने की जरूरत नहीं पड़ती।

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Posted By: Mangal Yadav

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