वीके शुक्ला, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम मंगलवार को आएंगे, मगर शनिवार को मतदान के बाद सोमवार को खुले दिल्ली सचिवालय में हर तरफ एक्जिट पोल की चर्चा होती दिखाई दी। खास बात यह है कि अफसरों को भी भरोसा है कि एक्जिट पोल के आंकड़े ही नतीजों में तब्दील होने जा रहे हैं। यह भरोसा उन अफसरों में भी देखा गया, जो कि अक्सर केजरीवाल की नीतियों का विरोध करते रहे और भाजपा के समर्थक माने जाते हैं।

सचिवालय में अफसरों का कहना था कि ऐसी कोई वजह नजर नहीं आ रही है कि आप की सरकार वापसी न कर सके। बहरहाल, अब देखना यह है कि मंगलवार को एक्जिट पोल सही साबित होते हैं या परिणाम इससे उलट आते हैं।

2013 में किसी को नहीं मिला था स्पष्ट बहुमत

दिल्ली के चुनाव परिणामों को लेकर पुराने अनुभव की बात करें तो 2013 में 4 दिसंबर को मतदान हुआ था और 8 दिसंबर को मतगणना हुई थी। मगर स्पष्ट बहुमत किसी को नहीं मिला था। आप को 28, भाजपा को 32 और 15 साल तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस 8 सीटों पर सिमट गई थी। मगर, बाद में आप ने कांग्रेस के आठ विधायकों के समर्थन से सरकार बना ली थी। उस समय 49 दिन सरकार चलने के बाद अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

2015 के चुनाव में आप को मिली थी 67 सीट

इसके बाद फरवरी 2015 में फिर से चुनाव हुए थे। इसमें सात फरवरी को 70 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ था। मतदान के तीन दिन बाद यानी 10 फरवरी को नतीजे आए थे। नतीजों ने सभी को चौंका दिया था। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप ने रिकॉर्ड 67 सीटों पर जीत दर्ज की थी। उस समय भी दिल्ली सचिवालय में स्पष्ट चर्चा चल रही थी कि केजरीवाल की सरकार आ रही है। हालांकि, लोगों को इतनी सीटों का अनुमान नहीं था। अब तीसरी बार आप सरकार के बहुमत के साथ आने की अटकलें तेज हैं। अब देखना यह है कि मंगलवार को ऊंट किस करवट बैठेगा?

Posted By: Dhyanendra Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस