नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। अध्यक्ष के बाद दिल्ली कांग्रेस को नया प्रभारी भी जल्द मिल सकता है। मौजूदा प्रभारी के बार- बार के अनुरोध पर पार्टी आलाकमान उन्हें पदमुक्त करने पर विचार कर रही हैं। विकल्प की तलाश भी शुरू हो गई है। विधानसभा चुनाव से पूर्व यह प्रभार किसी अन्य को दिया जा सकता है।

यहां पर बता दें कि आमतौर पर कांग्रेस में प्रदेश प्रभारी का कार्यकाल तीन साल का होता है, जबकि दिल्ली कांग्रेस के मौजूदा प्रभारी इस पद पर पांच साल से काबिज हैं। पहले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन की अस्वस्थता, फिर लोकसभा चुनाव, उसके बाद दिल्ली का कोई अध्यक्ष न होने के कारण उन्हें हालात संभालने के निर्देश मिलते रहे।

हालांकि पीसी चाको ने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से भी पदमुक्त करने के लिए कहा था और अब अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी दो तीन बार इस दायित्व से मुक्त करने का अनुरोध कर चुके हैं। ताकि, वह अपने गृह प्रदेश केरल की राजनीति पर ध्यान दे सकें।

वहीं, हर बार आलाकमान की ओर से उन्हें रुकने के लिए कहा जाता रहा। शुक्रवार शाम चाको ने इसी मसले पर सोनिया से फिर मुलाकात की। चाको ने उनसे यहां तक कहा कि भले ही वह उन्हें कोई नई जिम्मेदारी दें या नहीं, लेकिन अब वे दिल्ली के प्रभारी बने रहने के इच्छुक नहीं हैं। इस पर सोनिया ने उन्हें आश्वस्त किया कि वह इस मामले पर गंभीरता से विचार करेंगी और जल्द ही पार्टी के निर्णय से अवगत कराएंगी।

सूत्र बताते हैं कि पीसी चाको के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए उन्हें जल्द ही पदमुक्त किया जा सकता है। हालांकि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में पार्टी इस समय बड़ा बदलाव करने के मूड में नहीं है। इसके बावजूद चाको के विकल्प के रूप में अनुभवी नेता की तलाश की जा रही है।

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Posted By: JP Yadav

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