नई दिल्ली [निहाल सिंह]। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पार्षदों का सदुपयोग करने के लिए नई चुनावी रणनीति तैयार की है। इसके तहत भाजपा पार्षद अपना वार्ड नहीं छोड़ सकेंगे। इतना ही नहीं, प्रत्याशी के आगे-पीछे घूमने की बजाय उन्हें अपने ही क्षेत्र में प्रत्याशी का प्रचार करना होगा। वार्ड के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उन्हें डोर टू डोर कैंपेन चलाना होगा। साथ ही निगम की उपलब्धियां बताते हुए क्षेत्र में भाजपा के पक्ष में माहौल तैयार करना होगा।

दरअसल, देखने में आ रहा था कि कुछ पार्षद अपने क्षेत्र के अलावा दूसरे क्षेत्रों में जाकर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों के साथ दूसरे वार्ड में प्रचार कर रहे थे। इससे दूसरे पार्षदों को और संगठन को दिक्कत हो रही थी। इसे देखते हुए भाजपा ने सभी पार्षदों से कहा है कि उन्हें अपने-अपने क्षेत्र में ही ज्यादा से ज्यादा समय देना है। अगर प्रत्याशी को प्रचार में उनके वार्ड से कोई मदद चाहिए तो वह मदद भी उपलब्ध करानी है बाकि पूरे समय प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करना है। हालांकि संगठनात्मक बैठकों में अगर पार्षद आपेक्षित हैं तो तब ही क्षेत्र से बाहर जाने की अनुमति होगी।

उल्लेखनीय है कि भाजपा यह भी संदेश देना चाहती है कि दिल्ली में अगर ट्रिपल इंजन की सरकार होगी तो इसका फायदा दिल्ली को ही होगा क्योंकि निगम के साथ दिल्ली और केंद्र सरकार से एक साथ वे सारे कार्य हो सकेंगे, जिनसे जनता को लाभ मिले। इस चुनाव में भाजपा केंद्र सरकार की योजनाओं को दिल्ली की केजरीवाल सरकार द्वारा लागू न करने का भी मुद्दा बना रही है। पार्षदों को भी इसी मुद्दे को लेकर लोगों के साथ संवाद करने के निर्देश दिए गए हैं।

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष व भाजपा के पार्षद भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि सभी पार्षद अपने-अपने वार्ड में अच्छा कार्य चुनाव प्रचार में करेंगे तो ज्यादा से ज्यादा लोगों तक हम पहुंच पाएंगे। इसके तहत हम सभी पार्षद अपने-अपने क्षेत्र में प्रचार में जुटे हुए हैं।

Posted By: Prateek Kumar

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