नई दिल्ली [मनीषा गर्ग]। दक्षिणी-पश्चिमी जिले के लिए इस बार ऐसे मतदाता काफी अहम हैं, जो अपने जीवन में 100 वसंत देख चुके हैं। निर्वाचन विभाग की ओर से इन शतायु मतदाताओं के लिए खास इंतजाम किया गया है। निर्वाचन अधिकारी स्वयं इनके घर जाएंगे और वहीं इनके मतदान की प्रक्रिया संपन्न होगी। यह एक सुखद तथ्य है कि क्षेत्र में शतायु मतदाताओं की संख्या पूरी 100 है।

इससे भी सुखद बात यह है कि शतायु मतदाताओं में कुछ ऐसे भी शख्स हैं, जिन्होंने यह तय किया है कि यदि उनका स्वास्थ्य सही रहा तो वे घर पर मतदान करने के बजाय केंद्र पर जाकर मत डालेंगे और दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करेंगे। निर्वाचन आयोग के अधिकारी भी मतदाताओं के इस जज्बे की सराहना कर रहे हैं।

जिले के सबसे बुजुर्ग मतदाता

वर्ष 1974 में केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड से सेवानिवृत्त नंदलाल गुप्ता (103) जिले के सबसे बुजुर्ग मतदाता हैं। ये बिल्कुल स्वस्थ हैं और इन्होंने हर विधानसभा या लोकसभा चुनाव में मताधिकार का प्रयोग किया है। उनका कहना है कि अब चुनाव प्रक्रिया काफी बदल गई है। पहले लोग मतदान के लिए काफी उत्साहित रहते थे। उस समय सामाजिक कारणों से महिलाएं मतदान कम कर पाती थीं। अब महिलाएं मताधिकार को लेकर काफी जागरूक हो चुकी हैं। हमें यह समझना होगा कि मतदान न करना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।

ईवीएम के इस्तेमाल के बारे में उनका कहना है कि ईवीएम का जब चुनाव में पहली बार प्रयोग हुआ, तब उन्हें अटपटा लगा। थोड़ी परेशानी भी आई। पिछले वर्ष वीवीपैट का प्रयोग हुआ, उस समय भी थोड़ी परेशानी हुई। बदलाव समय की जरूरत है और वे इस बात से खुश हैं कि देश में चुनाव प्रक्रिया आधुनिक हो रही है।

मोटरसाइकिल पर जाती हैं मतदान केंद्र

नजफगढ़ में खरखरी जटमल निवासी शरबती देवी (101) आज भी काफी सक्रिय हैं। गांव में हर कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं। लोकसभा चुनाव में वह मोटरसाइकिल पर बैठकर मतदान करने गई थीं। हालांकि, अब उन्हें बातें ज्यादा याद नहीं रहती हैं। लेकिन, अपने कर्तव्यों से वह भलीभांति अवगत हैं। मतदान करना अपना हक ही नहीं जिम्मेदारी भी समझती हैं। शरबती बताती हैं कि ईवीएम और वीवीपैट का प्रयोग करने में उन्हें काफी परेशानी होती है। वह चुनाव से पहले इनका प्रयोग करना सीख रही हैं। जिला प्रशासन की मोबाइल वैन आती है, जो ईवीएम और वीवीपैट की जानकारी देती है।

बैलेट पेपर से डालेंगी वोट

द्वारका सेक्टर-7 स्थित मेघदूत सोसायटी निवासी चंद्रकली मिश्र (102) ने लोकसभा चुनाव में मतदान किया था। इस बार वह मतदान केंद्र जाने में असमर्थ हैं। दरअसल हाल ही में उनकी सर्जरी हुई है, इस कारण वह चलने में असमर्थ हैं। पहले वह काफी उदास हुईं कि इस बार मतदान नहीं कर पाएंगी, लेकिन जब उन्हें घर बैठे बैलेट पेपर से मतदान करने की योजना का पता चला तो वह काफी खुश हुईं।

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Posted By: Mangal Yadav

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