राजनांदगांव (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर अतिसंवेदनशील अंबागढ़ चौकी ब्लॉक के पांच घर वाले गांव मुरेर में 14 मतदाता हैं। ग्राम पंचायत मुड़पार के आश्रित ग्राम में न स्कूल है और आंगनबाड़ी भवन। इस कारण वहां किसी भी चुनाव में मतदान केंद्र नहीं बनाया जाता। मतदाताओं को वोट डालने के लिए तीन किलोमीटर दूर डुमरघुचा गांव जाना पड़ता है।

वन भूमि पर बसे इस गांव का नाम मिसल रिकॉर्ड में है। पहले यहां बड़ी संख्या में लोग रहते थे, लेकिन पट्टा नहीं मिलने और मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते लोगों ने गांव छोड़ दिया। बचे पांच परिवार वर्षों से बदहाली में ही जी रहे हैं।

गांव में एक ही हैंडपंप

मुरेर गांव पंचायत मुख्यालय मुड़पार से तीन किमी है, जहां एक मतदान केंद्र है और करीब 1100 मतदाता हैं। दूसरे आश्रित ग्राम डुमरघुचा की मुरेर से दूरी दो किमी है। वहां भी मतदान केंद्र बनाया जाता है। वहां करीब 900 मतदाता हैं। मुरेर गांव में एक हैंडपंप है जिसे तत्कालीन विधायक संजीव शाह ने लगवाया था। मुड़पार के सरपंच वीरेंद्र कुंजाम ने कहा कि वोटरों की संख्या कम होने के कारण मुरेर गांव में मतदान केंद्र नहीं बनाया जाता। विकास को लेकर मैं अपने स्तर पर प्रयास करता हूं।  

Posted By: Prashant Pandey