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रायपुर । नए मंत्रियों के शपथ लेने के बाद विभागों के बंटवारे पर मंथन शुरू होगा। पार्टी सूत्रों की मानें तो पार्टी के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया की मौजूदगी में मंत्रियों के विभाग तय किए जाएंगे। यह संभावना जताई जा रही है कि विभागों की घोषणा मंगलवार रात तक हो सकती है या फिर, एक-दो दिन भी लग सकता है। चर्चा यह है कि पहले मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल चुके विधायकों को वजनदार विभाग दिए जाएंगे।

पुनिया शाम सात बजे एयरपोर्ट पहुंचे तो उनके स्वागत के लिए मंत्री की दौड़ में शामिल सभी विधायक खड़े नजर आए। हर किसी की नजर बंद लिफाफे को तलाश रही थी। पुनिया एयरपोर्ट से निकलकर अस्थायी सीएम हाउस पहुना पहुंचे तो सभी विधायकों ने भी वहीं देर रात तक डेरा डाले रखा। बंद कमरे में पुनिया और बघेल की काफी देर तक चर्चा हुई। बाहर बैठे विधायकों की धड़कनें बढ़ी और चेहरे पर चिंता साफ नजर आई। मंत्रियों के नाम को लेकर न केवल पार्टी, बल्कि प्रशासनिक गलियारे और जनता के बीच भी अटकलों का दौर जारी रहा।

राजभवन की जगह, खुले मैदान में समारोह

मुख्यमंत्री और दो मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह बारिश के कारण इनडोर स्टेडियम में कराना पड़ा था। 35 हजार कार्ड बांटे गए थे, लेकिन जगह कम होने के कारण केवल आठ हजार लोगों को ही प्रवेश मिल पाया था। मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में अधिकारी लोग शामिल हो पाएं, इसलिए राजभवन के बजाये खुले मैदान को चुना गया है। यहां कांग्रेस लोकसभा चुनाव के पहले शक्ति प्रदर्शन करेगी।

लोकसभा चुनाव के लिए आज दो स्तर पर होगी बैठक

जीत की खुमारी से बाहर निकलकर अब कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटेगी। मंगलवार को शपथ ग्रहण समारोह के बाद पुनिया पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में दो स्तर पर बैठक लेंगे। दोपहर दो बजे प्रदेश कमेटी के कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री व कार्यकारिणी सदस्यों के साथ बैठक होगी। उसके बाद दोपहर तीन बजे सभी जिला, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों, प्रदेश कमेटी के संयुक्त महामंत्री, सचिव, संयुक्त सचिव स्थायी और विशेष आमंत्रित सदस्यों की बैठक लेंगे। दोनों बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी उपस्थित रहेंगे।

चौबे के नाम पर सीएम ने दिया संकेत

सीएम बघेल ने सोमवार को पाटन में सभा रविंद्र चौबे के मंत्री बनने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक बंधन है, इसलिए मंत्रियों के नामों को उजागर नहीं कर सकते। आगे उन्होंने कहा कि मंच पर बैठे एक मंत्री को बधाई दे सकते हैं। आप लोग समझदार हैं, इसलिए इशारा ही काफी है। मंच पर चौबे बैठे थे।

सबको संतुष्ट करना मुश्किल : भूपेश

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि संवैधानिक बाध्यता के कारण 13 से ज्यादा विधायक को ही मंत्रिमंडल में नहीं लिया जा सकता है। इस कारण सबको संतुष्ट करना भी मुश्किल है। जिन लोगों को मंत्रिमंडल में लिया जाएगा, वे काबिल लोग होंगे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं होगा कि जिन्हें नहीं लिया जाएगा, वे काबिल नहीं हैं। सबको मिलजुलकर सरकार चलाना है।

पहली बार के विधायक नहीं बनेंगे मंत्री : पुनिया

एयरपोर्ट में मीडिया से चर्चा के दौरान पुनिया ने कहा कि इतने सारे विधायक जीतकर आए हैं, इसलिए मंत्रियों का नाम तय करने की चुनौती तो थी। राहुल गांधी सभी को जानते थे, इसलिए नाम तय करने में दिक्कत नहीं हुई। मंत्रियों के चयन में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है।

Posted By: Sandeep Chourey

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