रायपुर, नईदुनिया, राज्य ब्यूरो। विधानसभा चुनाव का प्रचार समाप्त होने के एक दिन पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सरगुजा संभाग में दावा किया कि अगले तीन साल में नक्सलवाद का पूरा सफाया हो जाएगा। नक्सली आज प्रदेश के तीन जिलों में सिमट गए हैं। उन्होंने मंच से ही माओवादियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का आह्वान किया व कहा कि यदि माओवादी हथियारों सहित आत्मसमर्पण करते हैं तो उन्हें मुख्यधारा में लाने का हरसंभव प्रयास करेंगे।

माओवादी गरीबों का मसीहा बनना चाहते हैं तो फिर विकास का विरोध के साथ उनका शोषण क्यों करते हैं? राजनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह पहले चावल वाले बाबा के नाम से प्रसिद्ध थे, अब मोबाइल वाले बाबा के नाम से जाने जा रहे हैं। डॉ. रमन सिंह को कभी किसी ने गुस्सा होते नहीं देखा होगा, लेकिन कई ऐसे नेता हैं जो गरीबों को ठोकर मारकर आगे बढ़ जाते हैं। नेता को राजा की तरह नहीं सेवक की तरह कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 के मुकाबले छत्तीसगढ़ ने तरक्की के रास्ते तय किए हैं।

कांग्रेस मुख्यमंत्री का चेहरा ही तय नहीं कर पा रही है, जिससे उनकी स्थिति बिना दूल्हे की बाराती की तरह हो गई हैं। उन्होंने जोगी के नेतृत्व में बने गठबंधन को कांग्रेस की बी टीम करार दिया। चिरमिरी में भाजपा उम्मीदवार की तरीफ की और कहा कि पंद्रह वर्ष पूर्व जब मैं यहां का प्रभारी था, उस समय डॉ रमन सिंह केंद्र में मेरे साथी हुआ करते थे। चुनावों की घोषणा के पूर्व अटल जी के द्वारा रमन सिंह को यहां का प्रदेशाध्यक्ष बनाकर भेजा, तब उन्होंने मुझसे कहा गया था कि जोगी के कुशासन को उखाड़ फेंकने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं।

 

Posted By: Prashant Pandey

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