मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्‍ठ नेता और निर्वतमान मुख्‍यमंत्री डॉक्‍टर रमन सिंह ने विधानसभा चुनाव में राज्‍य में पार्टी की हार की नैतिक जिम्‍मेदारी ली है। उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री पद से इस्‍तीफा भी देने की बात कही है। वहीं राज्‍यपाल आनंदी बेन पटेल ने इस्तीफा मंजूर कर नया मुख्यमंत्री बनने तक उनसे कार्यभार संभालने का आग्रह किया है।

उल्‍लेखनीय है कि भाजपा का इन चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन रहा है। रुझानों से संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए बहुमत मिल जाएगा। 

रमन‍सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी को राज्‍य की सेवा करने का 15 साल अवसर मिला। इसके लिए वे राज्‍य की ढाई करोड़ जनता को धन्‍यवाद देते हैं। उनसे जो संभव और श्रेष्‍ठ हो सका वह उन्‍होंने राज्‍य के विकास के लिए किया।

रमन‍ सिंह ने कहा कि यदि पहले उन्‍हें राज्‍य में पार्टी की जीत का श्रेय मिला तो अब पराजय की नैतिक जिम्‍मेदारी भी उनकी है। वे निश्चित रुप से यह जिम्‍मेदारी लेते हैं। उन्‍होंने कहा कि उन्‍होंने अपना इस्‍तीफा दे दिया है। 

रमन‍ सिंह ने सवालों पर कहा कि अब उनकी पार्टी राज्‍य विधानसभा में सशक्‍त विपक्ष की भूमिका निभाएगी। जितनी प्रखरता और मजबूती के साथ उन्‍होंने जनता की सेवा की है उतनी ही मजबूती के साथ वे अब विपक्ष की नई भूमिका में रहेंगे। उन्‍होंने राज्‍य की जनता और प्रशासन का धन्‍यवाद अदा करते हुए कहा कि वे इससे जीवन भर उॠण नहीं हो सकते। 

रमन‍ ने कहा कि वे हार का विश्‍लेषण करेंगे। पार्टी के चुनाव समिति के जिम्‍मेदार लोगों के साथ वरिष्‍ठ नेताओं की बैठक में विश्‍लेषण होगा। राज्‍य में दोहरी एंटी इंकंबेंसी के सवाल पर रमन का कहना था कि यह चुनाव राज्‍य सरकार की नीतियों पर लड़ा गया। यह दिल्‍ली सरकार के खिलाफ जनादेश नहीं है।  उन्‍होंने कहा‍ कि कांग्रेस अब जनता से किए गए वादों को पूरा करे।  

Posted By: Hemant Upadhyay

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