रायपुर। राज्य गठन के पश्चात चौथी बार हो रहे मतदान में भी छत्तीसगढ़ की जनता ने तीसरी ताकत को पूरी तरह खारिज कर दिया। कांग्रेस व भाजपा के बीच पूरे प्रदेश में सीधी लड़ाई दिखी। परिणाम आने के बाद स्पष्ट हो गया है कि कि सूबे की राजनीति का खेल बिगाड़ने का दावा करने वाली तीसरी ताकत खुद खेल बनकर रह गई है।

अलबत्ता जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ व बसपा ने आठ सीटों पर सफलता जरुर अर्जित की पर उनका मतदान प्रतिशत कुल 11.4 फीसद रहा। पूर्ण बहुमत का सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी पूरे प्रदेश में अपनी जमानत नहीं बचा पाई उसे एक फीसद भी मत नहीं मिला। भाजपा व कांग्रेस के अलावा जितने भी उम्मीदवार जिते वह अपने दम पर सदन में पहुंचे।

राज्य के चुनाव में पहली बार कांग्रेस से अलग होकर क्षेत्रीय दल बनाने वाले अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे व बहुजन समाज पार्टी ने गठबंधन ने राज्य में स्थानीय सरकार बनाने का दावा पेश किया। आपस में 55 व 35 सीटों का बंटवारा कर पार्टी प्रदेश के सभी 90 सीटों पर अपने उम्मीदवार भी उतारे। पूरे दम-दम से बसपा प्रमुख मायावती व जकांछ प्रमुख अजीत जोगी ने चुनाव प्रचार भी किया।

मतगणना के बाद अजीत जोगी के नेतृत्व को राज्य की जनता ने पूरी तरह नकार दिया। हालांकि अजीत जोगी अपनी सीट मरवाही, रेणु जोगी अपनी सीट कोटा से निर्वाचित होने में सफल रहे। साथ ही जैजैपुर से पामगढ़ में बसपा सफल रही। राज्य में कांग्रेस व भाजपा के बीच सत्ता का संघर्ष आमने-सामने का दिख रहा है। जकांछ को साढ़े सात फीसद, बसपा को साढ़े तीन फीसद मत मिले। आम आदमी पार्टी एक फीसद मत भी अपने पाले में करने में विफल रही।

Posted By: Sandeep Chourey

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