बीजापुर (नईदुनिया ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण की जिन 18 सीटों पर 12 नवंबर को मतदान होना है, वह धुर नक्सल क्षेत्र में हैं। बस्तर संभाग की 12 व राजनांदगांव की छह सीटों के लिए दूरस्थ व दुर्गम की पोलिंग पार्टियों को शुक्रवार को रवाना किया गया। बीजापुर जिले के अतिसंवेदनशील 40 पोलिंग पार्टियों में शामिल मतदान व सुरक्षा कर्मियों ने पूजा-पाठ कर लोकतंत्र के महापर्व में अपने फर्ज निभाने की यात्रा शुरू की। बढ़ी हुई नक्सल घटनाओं को देखते हुए मतदान दलों को तीन हेलीकॉप्टरों से एयरलिफ्ट कराया गया।

बीजापुर कलेक्टर केडी कुंजाम ने अफसरों और मतदान दलों की मौजूदगी में सुबह पूजा-पाठ की। फिर मां दंतेश्वरी के जयघोष के साथ कलेक्टोरेट से बसों से मतदान कर्मियों को हेलीपैड के लिए रवाना किया गया। वहां सभी मतदान कर्मी हेलीकॉप्टर पर सवार हुए। नक्सली हमले की आशंका को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एहतियात के तौर पर मतदान दलों को तीन दिन पहले मतदान केंद्रों तक पहुंचाया गया है। अफसरों के मुताबिक शुक्रवार को पामेड़, तारलागुडा, भद्रकाली, कुटरू, फरसेगढ़, बेदरे और करकेली समेत नक्सल प्रभावित 40 मतदान केंद्रों के दलों को मतदान सामग्री के साथ भेजा गया।

अतिरिक्त सुरक्षा बलों की चप्पे-चप्पे पर तैनाती

विधानसभा चुनाव के मद्देनजर दक्षिण बस्तर के सुकमा, दंतेवाड़ा के साथ बीजापुर में भी अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। पखवाड़ेभर पहले जिले के सभी थाना क्षेत्रों में बाहर से आए अर्द्धसैन्य बलों की टुकड़ियों को भेजने का सिलसिला शुरू हो गया था। सीआरपीएफ, नागा, मिजो, आइटीबीपी की कंपनियां क्षेत्र में सक्रिय हो गई हैं। इधर बीते डेढ़ सप्ताह में बीजापुर, दंतेवाड़ा व सुकमा में विस्फोट, हत्या और मुठभेड़ की अलग- अलग वारदात कर नक्सली अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश में जुटे हुए हैं। नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सुरक्षा बल के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है।

Posted By: Rahul.vavikar

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