पटना। जिले के मोकामा विधानसभा सीट पर बुधवार को मतदान के दौरान सभी की निगाहें टिकी हुई थीं। आशंका व अनहोनी से घिरे लोगों का उत्साह बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग की ओर से सभी मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में पैरा मिलिट्री फोर्स के जवानों को तैनात किया गया था। जिले की हथिदह व सरमेरा सीमा के साथ बेलछी सीमा को भी पूरी तरह सील कर स्टैटिक सर्विलांस टीम तैनात की गई थी। नतीजतन, आम मतदाता निर्भीक होकर घरों से वोट देने निकले। इस कारण सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लगी रहीं। सड़क किनारे के गांवों के साथ टाल क्षेत्र में भी लंबी लाइनें दिखीं। इस क्षेत्र में एनडीए व महागठबंधन के प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला। सड़क किनारे के गांवों में वोटों के बिखराव को रोकने की कोशिश हुई थी। सात बजे से 12 बजे तक वोटरों की कतारें लंबी थीं, परंतु इसके बाद कतारें छोटी होती गई। वोटरों का उत्साह भी ठंडा पड़ने लगा।

मतदान शुरू होने के पहले दो घंटे सुबह नौ बजे तक 9.05 फीसद लोगों ने मतदान किया था। इसमें टाल क्षेत्र में अधिक मतदान हुआ। 11 बजे तक 18.33 फीसद तो एक बजे तक 32.30 फीसद मतदान हुआ। पहले सात घंटे में 39 फीसद लोगों ने मतदान किया। इसके बाद सड़क किनारे के गांवों के लोगों का उत्साह ठंडा पड़ा। इसके ठीक विपरीत टाल के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबी कतारें लगी रहीं। मतदाताओं की उदासीनता से शाम छह बजे तक 51 फीसद लोगों ने ही मतदान किया। मोकामा नगर परिषद से लेकर मेकरा तक वोटों का बंटवारा :

मोकामा सीट पर राजद व जदयू आमने-सामने रही। पंडारक से लेकर मेकरा, कन्हाईपुर, मोर, छतेरापर, मरांची, शेरपुर, रामपुर डुमरा के साथ ही मोकामा नगर परिषद क्षेत्र में वोटों का बंटवारा इन्हीं दो प्रत्याशियों के बीच होता रहा। मेकरा से जो उम्मीद थी, उससे प्रत्याशियों को निराश होना पड़ा। लोगों में उतना उत्साह नहीं दिखा। टाल क्षेत्र के घोसवरी, गोसाईगंाव, तारतर, सम्यागढ़ समेत अन्य गांवों में देर शाम तक लोग कतार में लगकर वोटिंग करते रहे। दोनों ही दलों के प्रत्याशी जातिगत वोटों पर कब्जा करने में लगे रहे।

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