मधुबनी। रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा में सुधार को लेकर पिछले 15 वर्षों में कोई प्रयास नहीं किया। मधुबनी सहित बिहार के पांच जिलों में अब तक कोई केंद्रीय विद्यालय नहीं है। यह राज्य सरकार के निष्क्रियता का परिणाम है। वे शनिवार को मधुबनी जिला के खजौली स्थित महात्मा गांधी स्मारक उच्च विद्यालय में ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेकुलर फ्रंट के खजौली विधानसभा से प्रत्याशी विरेंद्र कुमार यादव एवं खुटौना के दुर्गा मैदान में लौकहा के सजद डी प्रत्याशी आलोक कुमार यादव के समर्थन में आयोजित जनसभाओं में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बिहार में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। स्कूल व अस्पतालों की हालत दयनीय है। रोजी-रोजगार की तलाश में लोग मजबूरन पलायन कर रहे हैं। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री व सजद डी के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि एनडीए व महागठबंधन के चाल-चरित्र और चेहरा में कोई अंतर नहीं है। कहा कि हमारे गठबंधन को बीजेपी की बी टीम बताने वाले खुद अपने गिरेबां में झांकें। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि कांग्रेस महाराष्ट्र में किनके साथ मिलकर सरकार चला रही है। शिवसेना को गोद में बैठाने वाले हमें सेक्युलरिज्म का पाठ पढ़ा रहे हैं। उन्होंने दोनों गठबंधन को कोसते हुए कहा कि ये खीर और खिचड़ी एक साथ बनाना चाहते हैं, जो कदापि संभव नहीं है। उन्होंने उपस्थित लोगों से डेमोक्रेटिक फ्रंट के उम्मीदवारों को जिताने की अपील की।

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