पटना। विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदाताओं ने कोरोना को आईना दिखा दिया। कोरोना संक्रमण की संभावना को देखते हुए कम मतदान की आशंका को 71 विधानसभा सीटों के भाग्यविधाताओं ने खारिज कर दिया है। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया, प्रथम चरण की कुल 71 सीटों पर बुधवार को 55.69 फीसद मतदान हुआ है, जबकि 2015 में इन्हीं सीटों पर 54.75 फीसद मतदान हुआ था।

पिछले चुनाव की तुलना में लगभग एक (0.94) फीसद अधिक मतदान हुआ है। बुधवार को कई मतदान केद्रों पर निर्धारित अवधि के बाद भी मतदान की सूचना जिला निर्वाचन पदाधिकारियों ने दी है। पहले चरण की 35 विधानसभा सीटें नक्सल प्रभाव वाले क्षेत्र में होने के कारण अतिसंवेदनशील घोषित थीं। इन सीटों पर पिछले चुनाव की तुलना में एक से आठ फीसद तक मतदान बढ़ा है। बांका जिले में सबसे अधिक मतदान हुआ है। बांका की धौरिया, बांका, कटोरिया, भागलपुर की कहलगांव, गया की गुरुआ, शेरघाटी, बाराचट्टी, गया शहर, बोधगया, बेलागंज, जमुई जिले की चकाई, जमुई, झाझा, कैमूर के रामगढ़, भभुआ, चैनपुर में 60 फीसद से अधिक मतदान हुआ है। मतदान में आधी आबादी से आगे निकले पुरुष :

प्रथम चरण के चुनाव में पुरुषों ने मतदान फीसद में महिलाओं को पीछे छोड़ दिया है। निर्वाचन आयोग के अनुसार 71 सीटों के लिए दो करोड़ 14 लाख पांच हजार 306 मतदाता रजिस्टर्ड थे। इनमें एक करोड़ 12 लाख 77 हजार 34 पुरुष मतदाता में 61 हजार 48 हजार 215 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं, एक करोड़ एक लाख 27 हजार 681 महिला मतदाताओं में 52 हजार 94 हजार 378 ने अपने मत का प्रयोग किया है। मतदान फीसद में सबसे कमजोर प्रदर्शन थर्ड जेंडर का रहा है। 591 थर्ड जेंडर मतदाताओं में सिर्फ 15 ने ही अपने मत का प्रयोग की है। आयोग द्वारा जारी प्रारंभिक डेटा के अनुसार पहले चरण में पुरुष 56 फीसद से अधिक पुरुषों ने मतदान किया। वहीं, महिलाओं का फीसद 55 फीसद से कम है। पिछले चुनाव में मतदान का फीसद इस से उलट था। महिलाओं का फीसद पुरुषों की तुलना में अधिक थी।

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