पटना, राज्य ब्यूरो। बिहार की राजनीति में पुराने धुरंधरों के बीच 143 प्रत्याशी ऐसे भी हैं जिनका राजनीति से दूर-दूर तक का वास्ता नहीं है। इन प्रत्याशियों में कोई डॉक्टर है, कोई इंजीनियर, कोई शिक्षक-शिक्षिका तो कोई समाजसेवी। ये 143 प्रत्याशी बिहार में पहली बार चुनाव मैदान में उतरी पार्टी 'प्लूरल्स' से जुड़े हुए हैं। इस पार्टी का नेतृत्व पुष्पम प्रिया चौधरी कर रहीं हैं। 

पुष्पम प्रिया के पिता विनोद चौधरी जदयू के विधान पार्षद रहे हैैं

दरभंगा की रहने वाली पुष्पम प्रिया के पिता विनोद चौधरी जदयू के विधान पार्षद रहे हैैं। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से लोक प्रशासन में मास्टर की डिग्री हासिल करने वाली पुष्पम प्रिया ने महिला दिवस के मौके पर आठ मार्च, 2020 को पहली बार सामने आकर प्लूरल्स पार्टी की जानकारी सार्वजनिक की।

पुष्पम ने खुद को बिहार के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया

शहर के विभिन्न समाचार पत्रों में जैकेट विज्ञापन देकर पुष्पम ने खुद को बिहार के मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया। पुष्पम प्रिया इन दिनों विधानसभा चुनाव में व्यस्त हैं। वे दो जगह से किस्मत आजमा रही हैं, बांकीपुर और मधुबनी के बिस्फी से।

पहली बार धुरंधरों के बीच किस्मत आजमाने उतरी पुष्पम प्रिया चौधरी की पार्टी प्लूरल्स ने ऐसे प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा है जो राजनीति का ककहरा भी नहीं जानते। प्लूरल्स के मीडिया प्रभारी प्रभात कुमार बताते हैं कि हमारी बड़ी विशेषता है कि हमारे तमाम प्रत्याशी प्रोफेशनल हैं। इनमें कई नामी डॉक्टर हैं, कई इंजीनियर तो कुछ शिक्षक और समाजसेवी भी।

प्रभात कहते हैं कि बिहार की राजनीति जाति के आसपास घूमती है। ऐसे में प्लूरल्स ने बड़े प्रयोग किए हैं। वे कहते हैं कि लीक छोड़ने का प्रयास बिरले ही करते हैं। हमारी पार्टी इस विश्वास के साथ चुनाव मैदान है कि जनता जाति से बाहर आकर प्लूरल्स पर भरोसा जताएंगी और पार्टी को बिहार के बदलाव के लिए विधानसभा तक मदद करेंगी।

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