संवाद सहयोगी, तिर्वा : तिर्वा-बेला फोरलेन रोड का निर्माण चार वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका। इससे वाहनों की रफ्तार नहीं बढ़ रही, बल्कि हादसा का इजाफा हो रहा। रोड, डिवाइडर अधूरे, संकेतांक, रोड वॉक व जेब्रा लाइन न होने से दिक्कतें होती है। कस्बे के गांधी चौक के समीप विरईपुवर गांव के सामने से औरैया जनपद के बेला में बिधूना तिराहा तक 19 किलोमीटर फोर-लेन निर्माण पूर्ववर्ती सरकार ने प्रस्ताव पारित किया था। दिसंबर 2016 में निर्माण शुरू कर जून 2018 में पूर्ण होना तय था। पीडब्ल्यूडी ने कार्यदायी संस्था आरसीसी डेवलपर्स लिमिटेड को निर्माण का टेंडर दिया था। 139 करोड़ की लागत से निर्माण शुरू हुआ था। इसमें ढ़ाई मीटर चौड़ा डिवाइडर बनना है। एक लेन 8.75 मीटर चौड़ी होगी। बजट के अभाव में मई 2017 में निर्माण बंद हो गया था। करीब दो वर्ष तक काम बंद रहा। 2019 में काम फिर से शुरु हुआ। रोड व डिवाइडर बनाए गए, लेकिन कई जगहों पर काम अधूरा छोड़ दिया गया है।

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ये काम अधूरा

इंदरगढ़-बेला रोड के तिराहा पर डिवाइडर का काम, अहेर में धार्मिक स्थल के पास, निचली गंग नहर के दोनों तरफ न रोड बनी और न ही डिवाइडर बना, रोड पर कहीं पर भी सफेद व पीली पट्टी नहीं बनी, संकेतांक नहीं लगे।

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इन जगहों पर हुए हादसे

बघेलेपुवर के सामने, उमदर कस्बा, निचली गंग नहर के पास, निकारीपुवर के सामने, बलनपुर, लिलुइया, मकरंदापुर, अहेर में हादसे हो चुके हैं। इसमें पांच लोगों की मौतें हो चुकी है और 22 यात्रियों से अधिक घायल हो चुके हैं।

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पीडब्ल्यूडी के अफसरों से बात की जाएगी। निर्माण बंद होने का कारण पता कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। लापरवाही होने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई व संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा।

जयकरन, एसडीएम तिर्वा

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