मोतिहारी, जागरण संवाददाता। खता लम्हों से होती है और सजा सदियों तक मिलती है। यह चुनाव बिहार के भविष्य को तय करने वाला है। आपको विकास चाहिए तो यह एनडीए ही दे सकता है। उक्त बातें मंगलवार को ढाका हाई स्कूल के मैदान में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहीं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य का विकास हो रहा है।

आवाम से अपील करते हुए उन्‍होंने कहा कि विकास चाहिए तो एनडीए प्रत्याशी को जीत दिलाने का काम करें। कोरोना जैसे वैश्विक महामारी की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रारंभ काल एक दिन में 1500 टेस्ट करने की क्षमता थी और आज 15 लाख लोगों का एक दिन में टेस्ट किया जा रहा है। 150 देशों में पीपीइ किट व दवा सप्लाई का काम किया है। यह है मोदी सरकार की उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने राज्य के विकास के लिए खजाना खोल दिया है। 

राजद पर हमला करते हुए कहा कि दस लाख युवाओं को रोजगार की घोषणा करने वाले को पता होना चाहिए कि उनके माता-पिता के शासनकाल में दस लाख लोग राज्य से पलायन कर गये थे। चेहरे छुपाने से परिवारवाद की राजनीति नहीं बदल जायेगी। यहां की जनता ने कांग्रेस की सरकार, लालू-राबड़ी की सरकार को देखा और मोदी-नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार को देख रही है।

राज्य के विकास के लिए एनडीए प्रत्याशी को जीत दिलाने की अपील करते हुए कहा कि राज्य में बड़े-बड़े इंजीनियरिंग काॅलेज, मेडिकल काॅलेज, किसानों के लिए सम्मान योजना, मत्स्य पालन योजना सहित कई योजनाओं को सृजित कर राज्य के उत्थान के लिए कार्य किये जा रहे हैं। पहले के नेता घोषणा करते थे और भूल जाते थे और आज जो घोषणा किया जा रहा है उसे पूरा किया जा रहा है। लालू के शासन में शाम ढलने के साथ घर से निकलना मुश्किल हो जाता था आज क्या है दिन रात लोग सफर कर रहे है।

किसान योजना के लिए 3904 करोड़, शिक्षा के लिए 1000 करोड, 1550 करोड़ स्कील डेवलपमेंट के लिए, स्वास्थ्य के लिए 600 करोड़, बिजली के लिए 16000 करोड़, सड़क 13820 करोड़, रेलवे 8870 करोड़, हाईवे, 54000 करोड़, एयरपोर्ट 2007 करोड़, संचार सेवा के लिए 450 करोड़, पेट्रोलियम, 11 मेडिकल काॅलेज सहित कई कार्य किये गये हैं। 2015 के चुनावी घोषणा को मोदी सरकार ने पूरा करते हुए राज्य को 125 हजार करोड़ राशि विकास के लिए दिया है। पिछली चुनाव की चर्चा करते हुए कहा कि लालू-नीतीश साथ में चुनाव लड़े थे। कुछ समय बाद नीतीश कुमार को लगा कि लालू के साथ रहा तो विकास की पटरी ठप पड़ जायेगी। इसकी वजह से नीतीश कुमार ने पुनः एनडीए के साथ हुए और चट्टानी एकता से विकास के गति को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। यह चुनाव बिहार के भविष्य को तय करेगा।

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