मुजफ्फरपुर, जेएनएन। थर्मल पावर के कारण अपनी पहचान रखने वाले कांटी विधानसभा क्षेत्र में राजनीति परवान पर है। प्रधानमंत्री समेत देश एवं प्रदेश के बड़े नेता यहां चुनावी सभा कर चुके हैं। आजादी के बाद ढाई दशक तक यह क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ था।  लेकिन, जेपी आंदोलन के बाद यहां से कांग्रेस का पांव ऐसा उखड़ा कि फिर से कोई कांग्रेसी क्षेत्र में पार्टी को खड़ा नहीं कर सका। इस बार यहां से चुनावी मैदान में 22 योद्धा उतरे है। यहां निर्दलीय दलीय उम्मीदवारों को चुनौती दे रहे है। पिछले चुनाव में भी निर्दलीय अशोक कुमार चौधरी ने जीत हासिल की थी। इस बाद उन्होंने अपना क्षेत्र बदल लिया है।

 इस बार निर्दलीय समेत चार उम्मीदवारों के बीच कांटे का मुकाबला है। पूर्व मंत्री एवं दो बार यहां से विधायक रहे अजीत कुमार इस बार निर्दलीय मैदान में है। एनडीए के खाते से जदयू ने मो. जमाल को मैदान में उतारा है। जबकि महागठबंध की ओर से राजद ने मो. इसराइल मंसूरी को। टिकट नहीं मिलने से नाराज जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय कुमार सिंह लोजपा का दामन थाम मैदान में है। पिछले चुनाव में निर्दलीय अशोक कुमार चौधरी ने हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा सेक्यूलर की टिकट पर चुनाव लड़ रहे अजीत कुमार को पराजित किया था। राजद उम्मीदवार मो. परवेज आलम 40 हजार से अधिक वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे थे।  इस बार भी राजद, जदयू, लोजपा एवं निर्दलीय के बीच कांटे का मुकाबला है। 

2020 के प्रमुख प्रत्याशी 

मो. जमाल, जदयू 

मो. इसराइल मंसूरी, राजद 

विजय कुमार सिंह लोजपा 

अजीत कुमार, निर्दलीय 

2015 के विजेता, उपविजेता और मिले मत 

अशोक कुमार चौधरी (निर्दलीय) : 58115

अजीत कुमार (हम ) : 48836

2010 के विजेता, उपविजेता और मिले मत 

अजीत कुमार (जदयू) : 39589

मो. इसराइल  (राजद) : 31190

2005 के विजेता, उपविजेता और मिले मत 

अजीत कुमार (जदयू) : 38292

हैदर आजाद  (राजद) : 28091

कुल वोटर      : 305168

पुरुष वोटर      : 162686

महिला वोटर    : 142474

टांसजेंडर वोटर  : 8

जीत का गणित 

कांटी विधानसभा क्षेत्र की कुल आबादी 2011 की जनगणना के हिसाब से 4.71 लाख है। यहां कभी भी दो उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर नहीं हुई है। पिछले चार चुनावों की बात करे तो तीन-चार उम्मीदवारों के बीच काटे का मुकाबला हुआ। शहर से सटे होने के कारण बड़ी संख्या में शहरी मतदाता परिणाम को प्रभावित करते है। शहर के पश्चिमी भाग का एक हिस्सा इस विधानसभा क्षेत्र में शामिल है। इस विधानसभा क्षेत्र में भूमिहार एवं मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग बराबरी का है। राजपूत, पिछड़ी एवं अनुसूचित जाति के मतदाता परिणाम को प्रभावित करते है। दो मुस्लिम एवं दो भूमिहार उम्मीदवार के बीच मुकाबला होने के कारण वोटों का बंटवारा जीत की राह तय करेगा।        

प्रमुख मुद्दे 

1.  कांटी थर्मल पावर स्टेशन को जमीन देने वाले ढाई सौ लोग आज भी अपनी जमीन की कीमत नहीं प्राप्त कर सके हैं। सरकार के खिलाफ उनमे नाराजगी व्याप्त है। 

2. थर्मल पावर स्टेशन से निकलने वाली छाई से कोठिया मन के साथ-साथ कोठिया, विसुनपुर सुमेरा, पकड़ी, कांटी कसवा समेत आधा दर्जन गांव प्रभावित है। छाई के कारण लोग लंबे अरसे से बीमार हो रहे है पर इसकी सुध किसी को नहीं। 

3. बड़का गांव चौर से जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से सैकड़ों एकड़ भूमि बर्बाद हो रही है। समस्या से मुक्ति का कारगर उपाय आज तक नहीं किया गया। 

4. मधुबन गांव, कांटी प्रखंड मुख्यालय एवं पानापुर में पंप हाउस एवं जल मीनार तो है लेेकिन पानी की आपूर्ति नहीं होती। 

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