पटना, जेएनएन। Bihar Election 2020: विधान सभा चुनाव (Assembly Poll)  के पहले चरण (First phase)  के लिए कल 1 अक्‍टूबर से नामांकन (Nomination) का दौर शुरू हो जाएगा। ऐसे में अब तक महागठबंधन (Grand Alliance) में सीट बंटवारे (Seat sharing)  का मसला सुलझ नहीं पाने के कारण घटक दलों (allies) ने उम्‍मीद खो दी। राजद (RJD) और कांग्रेस (Congress) के बीच भी सीटों और सीएम फेस (CM face) को लेकर कोई बात बनती नजर नहीं आ रही है। राजद के सीट बंटवारे के फैसले से वामदलों को भी इत्‍तेफाक नहीं रहा। हालांकि वामदलों ने विपक्षी एकता के नाम पर पहले राजद के सीट बंटवारे का फॉर्मूला स्‍वीकार कर लिया था। मगर राजद और कांग्रेस के बीच फंसे पेंच के कारण वामदलों ने भी महागठबंधन में भरोसा खो दिया। चुनाव नजदीक होने के कारण राजनीतिक दलों पर उम्‍मीदवारों के चयन का दबाव है। ऐसे में  भाकपा- माले ने आज 30 सितंबर, बुधवार को बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए राज्य के कुल 30 विधानसभा क्षेत्रों के नाम समेत अपने सीटों की पहली सूची जारी कर दी है । बता दें कि महागठबंधन से जीतनराम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा ने पहले ही अपना रास्‍ता अलग कर लिया है।

भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि विधानसभा चुनाव में सीटों के तालमेल को लेकर भाकपा-माले व राष्ट्रीय जनता दल के बीच राज्य स्तर पर कई राउंड की बातचीत चली। हमने अपनी सीटों की संख्या घटाकर 30 कर ली थी. संपूर्ण तालमेल की स्थिति में इन प्रमुख 30 सीटों में से भी 10 सीटें और भी कम करते हुए हमने  20 प्रमुख सीटों पर हमारी दावेदारी स्वीकार कर लेने का प्रस्ताव रखा था।लेकिन राजद की ओर से हमारे लिए जो सीटें प्रस्तावित की गईं हैं उनमें हमारे सघन कामकाज, आंदोलन व पहचान के पटना, औरंगाबाद, जहानाबाद, गया, बक्सर, नालंदा आदि जिलों की एक भी सीट शामिल नहीं है। ऐसे में जब पहले चरण के नामांकन का दौर शुरू ही होनेवाला है, हम अपने सीटों की यह पहली सूची जारी कर रहे हैं।

विपक्षी दलों में एकता की कमी बेहद दुखद

कुणाल ने कहा, लाॅकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की तबाही, सबको शिक्षा व सम्मानजनक रोजगार देने में सरकार की नाकामी और मोदी सरकार के किसान विरोधी कृषि कानूनों आदि से बिहार की जनता में व्यापक विक्षोभ है। बिहार की जनता जदयू-भाजपा की डबल इंजन सरकार से छुटकारा पाना चाहती है। इस जनभावना का सम्मान करते हुए विपक्ष की पार्टियों के बीच कारगर गठबंधन व समझौता और एनडीए विरोधी मतों को समेटने की पुरजोर कोशिश करना समय की मांग है। लेकिन, अबतक ऐसा संभव नहीं हो पाना बेहद दुःखद है।

अब भी करेंगे विचार

माले के राज्य सचिव कुणाल ने बताया कि अभी महागठबंधन के लिए हमारे दरवाजे बंद नहीं हुए हैं। हमारी पार्टी की ओर से दिए गए प्रस्ताव और बातचीत पर राजद को सम्मानजनक निर्णय लेना है।  अब भी अगर संपूर्ण तालमेल की कोई संभावना बनती है तो हम उस पर विचार करेंगे.

सीटों की पहली सूची

1. तरारी 2. अगिआंव 3. जगदीशपुर 4. संदेश 5. आरा 6. दरौली 7. जिरादेई 8. रघुनाथपुर 9. बलरामपुर 10. पालीगंज 11. मसौढ़ी 12. फुलवारीशरीफ 13. काराकाट 14. ओबरा 15. अरवल 16. घोषी 17. सिकटा 18. भोरे 19. कुर्था 20. जहानाबाद 21. हिलसा 22. इसलामुपर 23. हायाघाट 24. वारिसनगर 25. औराई 26. गायघाट 27. बेनीपट्टी 28. शेरघाटी 29. डुमरांव 30. चैनपुर

 

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