नवादा, जेएनएन। बिहार की ये सीट नवादा लोकसभा के अंतर्गत आती है। जिला भी नवादा ही है। 1951 में यहां पहला विधायक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से था। 2015 के चुनावों  में जदयू और राजद के गठबंधन में यहां से राजबल्लभ यादव उर्फ राजबल्लभ प्रसाद ने चुनाव जीता था। 2018 में दुष्‍कर्म के मामले में विधायक को सजा होने पर ये सीट खाली हुई। 2019 के उप चुनावों में जदयू के उम्‍मीदवार कौशल यादव 10 हजार वोटों से जीते। इस बार राजद ने राजबल्लभ यादव की पत्‍नी को यहां से उम्‍मीदवार बनाया है। मामूली विवाद के साथ आज मतदान संपन्‍न हो गया।

मतदान के दौरान मारपीट

नारदीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत मसौढा गांव के मतदान केंद्र संख्या 71 पर मारपीट का मामला सामने आया है। घायलों में शामिल खालिद उर्फ हीरो और उसके भाई पप्पू ने बताया कि मतदान में बाधा पहुंचाने के मकसद से उन्‍हें पीटा गया। उसका कहना है कि बूथ पर कुछ पुरुष महिला मतदाताओं को नकाब उतारने के लिए बाध्‍य कर रहे थे।

प्रमुख प्रत्‍याशी

1. कौशल यादव, जदयू

2. विभा देवी, राजद

3. शशिभूषण कुमार, रालोसपा

4. धीरेंद्र कुमार, रालोसपा

प्रमुख मुद्दे

 1. ट्रैफिक जाम :  नवादा विधानसभा में बड़े मुद्दों में शहर में प्रतिदिन जाम की समस्या प्रमुख है। सुबह के 10 बजते ही सड़कों पर जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। शहर के हरेक चौक-चौराहों समेत सभी सड़कों पर देर रात तक जाम की समस्या बनी रहती है। यहां तक की लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। चुनाव के समय हरेक दल के प्रत्यााशी समस्या से निजात दिलाने का वादा जरूर करते हैं। लेकिन अबतक निर्वाचित प्रत्याशी इस समस्या से शहरवासियों को निजात नहीं दिला सके हैं।

2. सिंचाई : शहर के बीच से होकर गुजरी बरहगैनिया पईन की कई साल से उड़ाही नहीं हुई है। बता दें कि इस पईन से नवादा विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश गांव में फसलों की सिंचाई होती थी। किसान पईन के पानी से खेतों की सिंचाई कर बेहतर उत्पादन करते थे और खुशहाल रहते थे। इसके अलावा शहर से नाली का पानी भी पईन से होकर निकलता था। लेकिन पईन की कई साल से उड़ाही नहीं कराई गई है।

3. शिक्षा : नवादा विधानसभा क्षेत्र में दो अंगीभूत समेत आधा दर्जन वित्‍़तरहित कॉलेज हैं। इनमें स्नातक तक की पढ़ाई होती है। जिले के एक भी कॉलेज में पीजी पढ़ाई की कोई व्यवस्था नहीं है। स्नातक की पढ़ाई करने के बाद पीजी की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को गया, पटना व अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है। पीजी की पढ़ाई की व्यवस्था करने के लिए कई बार छात्रों ने आवाज उठाई है।

वर्ष - कौन जीता - कौन हारा

2019 - कौशल यादव, जदयू - श्रवण कुमार, निर्दलीय

2015 - राजबल्‍लभ प्रसाद, राजद - इंद्रदेव प्रसाद, रालोसपा

2010 - पूर्णिमा यादव, जदयू - राजबल्‍लभ प्रसाद, राजद

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