पटना, जेएनएन । Bihar  Election 2020: बुधवार को बिहार में पहले चरण का मतदान हुआ। यह कोरोना काल का देश का सबसे बड़ा आम चुनाव है। केंद्रीय नेता गिरिराज सिंह, गोल्‍डन गर्ल श्रेयसी सिंह और साइकिल पर सवार मंत्री प्रेम कुमार पहुंचे अपने मताधिकार का प्रयोग करने तो आम लोगों में भी मतदान का गजब का उत्‍साह दिखा। कभी नक्‍सल प्रभावित रहे गया में भी जमकर वोट बरसे। हालांकि, कुछ एक मतदान केंद्रों पर मतदाताओं ने अपनी विकास की मांगों को लेकर मतदान का बहिष्‍कार भी किया। मंत्री प्रेम कुमार पर आदर्श आचार संहिता उल्‍लंधन का मामला दर्ज किया गया। वे अपने चुनाव चिह्न कमल के निशान वाले मास्‍क को पहनकर मतदान करने पहुंचे थे।

हम लोकतंत्र के महापर्व की पूरे 16 जिलों के 71 सीटों से अजब-गजब और रंग-बिरंगी चुनावी फिजां को तस्‍वीरें के जरिए आपके सामने ला रहे हें। देखिए विधान सभा चुनाव के पहले चरण का मतदान तस्‍वीरों में :

भोजपुर जिले के बड़हरा विधानसभा क्षेत्र के छीनेगांव मतदान केंद्र पर गए राजद के निवर्तमान विधायक सह महागठबंधन उम्मीदवार सरोज यादव को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने हंगामा कर विधायक को खदेड़ दिया। इस दौरान रोड़ेबाजी किए जाने की भी सूचना हैं। पथराव में विधायक की गाड़ी का शीशा पीछे से क्षतिग्रस्त हो गया।

 गया शहरी विधानसभा के एनडीए प्रत्याशी डॉ  प्रेम कुमार व उनकी पत्नी मतदान कर बाहर निकलते हुए। अपने चुनाव चिह्न कमल के निशान वाले मास्‍क पहनकर मतदान करने पहुंचे मंत्री पर आदर्श आचार संहिता उल्‍लंधन का मामला दर्ज किया गया है।

औरंगाबाद के गोह विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 213 पर हसनपुर गांव से बाबूलाल दास 80 वर्षीय को स्‍वजन खाट पर लादकर मतदान करने को ले जाते हुए वोट देने  के लिए।

 बाढ़ विधानसभा के बिहारी बिगहा टाल क्षेत्र में मतदाता में मतदान के प्रति उत्साह दिखा। यहां युवक घोड़े पर सवार होकर पूरे जोश के साथ मतदान करने पहुंचे ।

जमुई विधानसभा के नक्सल प्रभावित गुरमाहा -चोरमारा गांव से नदी पार कर मतदान करने कोयबा गांव जाती महिला मतदाता। इस मतदान केंद्र पर कुल 970 मतदाता हैं।

पालीगंज विधान सभा के निरखपुर बहेडिय़ा गांव में मतदाताओं ने सड़क की मांग को लेकर चुनाव का बहिष्कार किया। बूथ नंबर 236 पर 10 बजे तक एक भी वोट नहीं हो पाया था। इस बूथ पर 983 मतदाता हैं।

रोहतास जिला के  चेनारी विधान सभा क्षेत्र के कैमूर पहाड़ी पर बसे मध्य विद्यालय सोली मतदान केंद्र पर बुजुर्ग आदमी को मतदान कराने ले जाते  सीआरपीएफ 47 वीं बटालियन एफ कंपनी के जवान ।

लखीसराय के बड़हिया स्थित बूथ पर मतदान शुरू ही हुआ था कि ईवीएम खराब हो गया । ऐसे में अपने मत का प्रयोग करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ईवीएम ठीक हाेने का इंतजार करते रहे । कुछ ही समय में ईवीएम ठीक होते ही उन्‍होंने मतदान किया।

दुर्गावती प्रखंड के सभी ईवीएम मशीनों को सैनिटाइज करने के बाद वोटिंग करने के लिए किया गया शुरू । लोगों ने मास्‍क के प्रयोग में सावधानी बरती। यहां मतदान के लिए लोगों में काफी उत्‍साह दिखा । मतदान के लिए सुबह से ही भीड़ उमड़ पड़ी ।

 मुंगेर जिला के तीनों विधानसभा क्षेत्र के लिए मतदान सुबह सात बजे से शुरू हो गया। जिला के नौ लाख 68 हजार 785 मतदाता 1402 मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर 59 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। इस केंद्र पर शारीरिक दूरी का नहीं हुआ पालन ।

मुंगेर में मतदान कर लौटती 80 वर्षीय सलमा बेगम। सलमा ने कहा कि मतदान जरूरी। सभी युवा करें मतदान ।

औरंगाबाद 220 ओबरा के दाउदनगर नप क्षेत्र स्थित उर्दू प्राथमिक विद्यालय का हाल ।

गया जिले अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र धनगांई थाना का हाहेसाड़ी मतदान केंद्र पर कभी मतदाता वोट देने के लिए नक्सलियों के डर से नहीं निकलते थे। आज उस बूथ पर सुबह से ही मतदान करने के लिए सारा काम छोड़कर लोग अपने घर से निकल गए और कतार में खड़े होकर मतदान किया। परंतु कोविड-19 का ख्याल नहीं रखा जा रहा था।

बक्‍सर के  ब्रह्मपुर में दिव्‍यांग दंंपती वोट डालने जाते हुए ।

 

रोहतास जिला के डेहरी विधानसभा क्षेत्र के बस्ती पुर में वोट देने घरों से निकली आधी आबादी ।

लखीसराय के बूथ नंबर 115 एवं 115 a पर वोट बहिष्कार के कारण दोपहर तक एक भी मतदाता नहीं पहुंचा। बालगुदर गांव स्थित इस बूथ पर सिर्फ मतदान कर्मी और सुरक्षा बल के जवान दिखे।

 

झाझा विधानसभा क्षेत्र में अपने पैतृक आवास नयागांव में मतदान करने के बाद मीडिया कर्मियों से मुखातिब होती गोल्डन गर्ल व जमुई विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी  श्रेयसी सिंह।

पालीगंज विधानसभा क्षेत्र बूथ संख्या 236 पर अपराह्न काल तक एक भी मतदान नहीं हुआ। लोगो ने रोड की मांग को लेकर पूरे मतदान का बहिष्कार किया।

औरंगाबाद जिला के रफीगंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मदनपुर के छालीदोहर गांव में वोट के लिए कतार में लगे महिला और पुरूष वोटर।  यह औरंगाबाद का सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित बूथ है।  जिला का अंतिम मतदान केंद्र संख्या 330  व  331 है।  इसके बाद झारखंड और गया बॉर्डर शुरू हो जाता है।  यहां मतदाताओं का उत्साह चरम पर रहा।

 

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