पटना, जासं। Bihar Chunav 2020 आयकर विभाग की ओर से गुरुवार को बिहार के पांच शहरों में सर्वे और छापेमारी अभियान में 3.21 करोड़ रुपये बरामद किए गए। कुछ महत्वपूर्ण कागजात भी टीम के हाथ लगे हैं। विभाग ने इन की जांच शुरू कर दी है। इससे बड़े घपले के उजागर होने की संभावना है। विधानसभा चुनाव को लेकर आयकर विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। सर्वे और छापे का सिलसिला जारी है।

आयकर जांच निदेशालय की ओर से गुरुवार को पटना के साथ ही भागलपुर, हिलसा, कटिहार एवं गया में कई ठीकेदारों के यहां तलाशी सह जब्ती की कार्रवाई की गई। इस दौरान 3.21 करोड़ रुपये की भारी नकदी बरामद की गई। साथ ही महत्वपूर्ण कागजात भी आयकर विभाग की टीम के हाथ लगे हैं। सूत्रों के अनुसार इसकी जांच चल रही है। जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है क्योंकि बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के संकेत मिले हैं।

आयकर टीम पटना में गणाधिपति कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, और नालंदा एंजीकॉन प्राइवेट लिमिटेड के मालिक के ठिकानों पर पहुंची थी। ये ठेकेदार जल- नल-योजना से जुड़े हैं। पटना के हनुमान नगर, पाटलिपुत्र कालोनी, फ्रेजर रोड स्थित इनके ठिकानों पर भी टीम गई थी। इसके अलावा, दीघा और हिलसा की फैक्ट्री की भी देर रात तक जांच की गई।

इसी तरह से भागलपुर में ललन कुमार एवं सुमन कुमार के ठिकाने पर छापेमारी की गई थी। दोनों भाई हैं और बड़ी टैक्स चोरी का इनपर आरोप है। छापेमारी में इनके यहां से 50 लाख रुपये नकद मिले। जानकारी मिली है कि इनके पास करोड़ों की बेनामी संपत्ति है। पूर्णिया में भी दो सरकारी ठीकेदारों के यहां छापेमारी की गई थी। इनके यहां से आभूषण, नकदी और संपत्ति के कागजात मिले थे।

गया के पत्थर और ईंट कारोबारियों के यहां भी 48 घंटे तक सर्वे चला। आयकर अधिकारियों ने गया और मानपुर में छह स्थानों पर बेनामी संपत्ति और टैक्स की जांच करने के लिए छापेमारी की। कारोबारियों के पास करोड़ों की बेनामी संपत्ति का पता चला है। सूत्रों के अनुसार मानपुर के गेरे में पत्थर कारोबार से जुड़े कारोबारी के यहां जांच की गई। इसके बाद दूसरी टीम ने विष्णुपद थाना क्षेत्र के पास बड़े कारोबारी के कार्यालय में छापेमारी की।

आयकर विभाग की तीसरी टीम ने कोतवाली थाना क्षेत्र के झीलगंज मोड़ पर ईंट कारोबारी के घर छापेमारी की। रामधनपुर में एक बड़े ठीकेदार के घर और कार्यालय में भी टीम ने दस्तक दी है। एक अधिकारी का कहना है कि इन छह स्थानों से मिले इनपुट, बेनामी संपत्ति, टैक्स की चोरी, बैंक खाता, एकाउंट सहित अन्य जानकारियों को डीजी को सौंपा जाएगा।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस