पटना, जेएनएन। Bihar Assembly Election 2020: बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार फोटो मतदाता पर्ची (Photo Voting Slip) दिखाकर मतदाता (Voter) अपने मताधिकार का उपयोग नहीं कर सकेंगे। निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने कहा है कि बिहार में 100 फीसद मतदाताओं को मतदाता पहचान पत्र (Voter I Card) और 99 फीसद वयस्क लोगों को आधार कार्ड (Aadhar Card) जारी किया चुका है। फोटो मतदाता पर्ची के आधार पर पिछले चुनाव में फर्जी मतदान की शिकायत प्राप्त हुई थी। इसे देखते हुए बिहार विधानसभा चुनाव के तीनों चरणों में इसे दिखाने पर मतदान की अनुमति नहीं होगी। आयोग की ओर से मतदाता पहचान पत्र के अतिरिक्त 11 वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर मतदाता की पहचान साबित करने का विकल्प दिया गया है।

मतदाता पहचान पत्र के अतिरिक्त ये हैं 11 विकल्प

आयोग द्वारा जारी 11 विकल्पों में  कोई एक फोटोयुक्त पहचान पत्र दिखाने पर मतदान की अनुमति मिल जाएगी।

- आधार कार्ड

- मनरेगा जॉब कार्ड

- बैंक और पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक

- श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी फोटोयुक्त स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड

- ड्राइविंग लाइसेंस

- पैन कार्ड

- एनपीआर के अंतर्गत आरजीआइ द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड

- भारतीय पासपोर्ट

- फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज

- केंद्र व राज्य सरकार के लोक उपक्रम, पब्लिक लिमिटेड कंपनी द्वारा जारी पहचान पत्र और सांसदों, विधायकों व विधान परिषद सदस्यों को जारी किए सरकारी पहचान पत्र

मूल पासपोर्ट पर ही मतदान की अनुमति

निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ प्रधान सचिव नरेंद्र एन बुटोलिया ने बताया कि प्रवासी निर्वाचकों को जो अपने पासपोर्ट में विवरणों के आधार पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम- 1950 की धारा 20क के अधीन मतदाता सूची में पंजीकृत हैं, उन्हें मतदान केंद्र में केवल उनके मूल पासपोर्ट के आधार पर ही मतदान की अनुमति दी जाएगी। मतदाता पहचान पत्र में लेखन व वर्तनी की अशुद्धि को नजरअंदाज तभी किया जाएगा, जब निर्वाचक की पहचान ईपीआइसी से सुनिश्चित की जा सकेगी।

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