सीतामढ़ी, जेएनएन। रुन्नीसैदपुर विधानसभा में यादव, भूमिहार व मुस्लिम मतदाताओं का हमेशा से वर्चस्व रहा है। चुनावी समर 2020 में राजद प्रत्याशी मंगीता देवी के अलावा मुकाबले मे जदयू प्रत्याशी पंकज कुमार मिश्रा व लोजपा प्रत्याशी गुड्डी देवी एकबार फिर आमने-सामने हैंं। जदयू के परंपरागत वोट बैंक में लोजपा सेंधमारी की कोशिश कर सकती है। मुस्लिम व यादव, भूमिहार व अनुसूचित जाति का अच्छा-खासा प्रभाव है। मतलब साफ है कि यह वर्ग जिधर टर्नअप होगा उधर पलड़ा भारी होगा। वैसे जदयू, लोजपा व राजद तीनों ही इस वोट बैंक में सेंधमारी करने के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं।

 जेपी आंदोलन के बाद 1977 के चुनाव से लेकर 2015 के बीच के चुनावी नतीजों पर नजर डालें तो रुन्नीसैदपुर विधानसभा क्षेत्र से अधिकतर गैर कांग्रेसियों ने ही अपनी जीत का परचम लहराया है। वर्ष 1977 में जनता पार्टी प्रत्याशी नवल किशोर शाही ने इस सीट पर अपनी जीत दर्ज कराई थी। हालांकि, वर्ष 1980 व उपचुनाव 1984 में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी महंथ विवेकानंद गिरी ने इस सीट पर अपनी जीत दर्ज कराकर कांग्रेस की वापसी कराई थी। वर्ष 1985 में जनता पार्टी के टिकट पर तथा 1990 में जनता दल के टिकट पर नवल किशोर शाही ने लगातार इस क्षेत्र पर अपना कब्जा बरकरार रखा। वर्ष 1995 में भी जनता दल का हीं दबदबा कायम रहा। सीटिंग विधायक नवल किशोर शाही का टिकट कटा। भोला राय को जनता दल का प्रत्याशी बनाया गया। यहां 59.47 फीसद लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। 

 भोला राय ने इस सीट पर अपनी जीत के साथ जनता दल का कब्जा बरकरार रखा। वर्ष 2000 व 2005 (फरवरी) में राजद प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल कर भोला राय ने इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा था। वर्ष 2005 (अक्टूबर) व वर्ष 2010 में में जदयू प्रत्याशी के रूप मे गुड्डी देवी ने इस सीट पर जीत का परचम लहराया। वर्ष 2015 में जदयू व राजद के बीच गठबंधन के कारण यह सीट राजद कोटे में चला गया। जदयू से प्रत्याशी नहीं बनाए जाने से नाराज गुड्डी देवी समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनावी समर में कूद पड़ी। तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। इस चुनाव में (महागठबंधन) राजद की मंगीता देवी ने मुकाबले में आए (एनडीए) रालोसपा प्रत्याशी पंकज कुमार मिश्रा को पराजित कर इस क्षेत्र पर एकबार फिर से राजद का परचम लहराया। 

2020 के प्रमुख प्रत्याशी 

मंगीता देवी, राजद

पंकज कुमार मिश्रा, जदयू 

गुड्डी देवी, लोजपा 

2015 के विजेता, उप विजेता और मिले मत

मंगीता देवी (राजद)--- 55,699

 पंकज कुमार मिश्रा (रालोसपा) --41,589

2010 के विजेता, उप विजेता और मिले मत 

गुड्डी देवी (जदयू) - 36,125 

राम शत्रुघ्न राय (राजद ) 25366

2005 (अक्टूबर) के विजेता,उप विजेता और मिले मत 

गुड्डी देवी(जदयू)-- 43402

भोला राय ( राजद) -- 28866

2005 (फरवरी) के विजेता,उप विजेता और मिले मत 

भोला राय (राजद)---29924

आजम हुसैन अनवर(लोजपा)---- 26148  

कुल मतदाता--- 2,80,726,

महिला-- 1,30,808 ,

पुरुष --- 1,49,912,

थर्ड जेंडर ---- 06

जीत का गणित 

भूमिहार की तदाद 25464, मुस्लिम 38081, ब्राह्मण 18930, यादव के 28446, कानू 13012, कुशवाहा 6241, बनिया 4564, तेली 10863, सूढ़ी 5606, कहार 1889, अनुसूचित जाति में 30920 और मल्लाह समुदाय के कुल 14648 वोटर हैं। महुस्लिम व यादव, भूमिहार व अनुसूचित जाति का अच्छा-खासा प्रभाव है। मतलब साफ है कि यह वर्ग जिधर टर्नअप होगा उधर पलड़ा भारी होगा। वैसे जदयू, लोजपा व राजद तीनों ही इस वोट बैंक में सेंधमारी करने के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं।

चुनावी मुद्दा :

1. पुनर्वास : करीब चालीस वर्ष पूर्व बागमती परियोजना के द्वारा  विस्थापित हजारों की आवादी को आज भी पुनर्वास का इंतजार है। 

2. नदी की दिशाहीन धारा : मनुषमारा नदी की दिशाहीन धारा को एक निश्चित दिशा देकर खेतों में हरियाली तथा किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटाने का मुद्दा हर बार की तरह इस बार भी मौजूं है। 

3. बंद पड़े जलमीनार व नलकूप : वर्षों से बंद पड़े जलमीनारों को लेकर सवाल भी जोर मार रहे हैं। बंद पड़े सरकारी नलकूप भी चुनावी मुद्दे में शामिल है।

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