जागरण संवाददाता, कन्नौज :

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में डीएलएड प्रशिक्षुओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। रविवार को जब डीएलएड परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया तो इसमें करीब 200 परीक्षार्थी फेल दिखाए गए। अंकपत्र पर इनकी प्रयोगात्मक परीक्षा व इंटर्नशिप के अंक नहीं चढ़े हैं, जिससे अनुत्तीर्ण हो गए। यह लापरवाही डायट प्रशासन की है या परीक्षा नियामक की, जांच का विषय बन गया है। हालांकि डायट प्रशासन इतनी बड़ी त्रुटि के लिए परीक्षा नियामक को जिम्मेदार ठहरा रहा है।

डीएलएड 2018 चतुर्थ सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित होन के बाद प्रशिक्षुओं ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज की वेबसाइट पर परिणामों का अवलोकन किया तो कई अनुत्तीर्ण पाए गए। डायट के सभी प्रशिक्षुओं के परिणाम में आंतरिक मूल्यांकन के अंक न चढ़ने के कारण फेल व अपूर्ण दिखाया गया है। प्रशिक्षुओं का दावा है कि उन्होंने डायट प्रशासन से जानकारी करने की कोशिश की तो कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। कई छात्र टीईटी, सुपर टीईटी और सीटीईटी की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें चिता सता रही है।

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..तो क्या बाबू की रही लापरवाही

डीएलएड प्रशिक्षुओं का दावा है कि यह सब डायट के एक लिपिक की लापरवाही के कारण हुआ है। उनके कहने के बाद भी इंटर्नशिप व प्रयोगात्मक परीक्षा के अंकों की फीडिग नहीं की गई है। डायट के प्राचार्य बाबू की लापरवाही होने से इन्कार कर रहे हैं।

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डायट से सभी प्रशिक्षुओं के इंटर्नशिप व प्रयोगात्मक परीक्षा के अंकों की फीडिग की गई थी। परीक्षा नियामक की वेबसाइट में तकनीकी कमी के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज से वार्ता कर समाधान किया जाएगा।

-ओपी सिंह, प्राचार्य डायट एवं उप शिक्षा निदेशक

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