नई दिल्ली, जेएनएन। असम में बदरुद्दीन अजमल की पार्टी आल इंडिया यूनाइडेट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआइयूडीएफ) के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस भाजपा के निशाने पर है। परंतु, कांग्रेस ने गठबंधन का बचाव करते हुए कहा है कि एक लक्ष्मण रेखा खींच दी गई है और अगर भविष्य में अजमल की पार्टी किसी तरह का सांप्रदायिक तनाव पैदा करती है तो कांग्रेस उससे अलग हो जाएगी। 

कांग्रेस सांसद और पार्टी की चुनाव प्रचार समिति के चेयरमैन प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा कि असम में  महागठबंधन में अजमल की पार्टी के अलावा सात अन्य प्रगतिशील दल भी हैं। अगर हमने किसी सांप्रदायिक दल से हाथ मिलाया होता तो दूसरी पार्टियां हमारे साथ नहीं आतीं। अगर भविष्य में एआइयूडीएफ किसी तरह की सांप्रदायिक समस्या पैदा करती है तो कांग्रेस उससे अलग हो जाएगी। 

हाल ही में अजमल का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कह रहे हैं कि कांग्रेस-एआइयूडीएफ गठबंधन असम को इस्लामिक राज्य में बदल देगा। कांग्रेस ने दावा किया कि असम पुलिस ने कहा है कि यह वीडियो छेड़छाड़ कर बनाया गया है, जिसके बाद ट्विटर ने दो अकाउंट को निलंबित कर दिया है। कांग्रेस का यह भी दावा है कि इनमें से एक अकाउंट आरएसएस से जुड़ा हुआ है।

अजमल का बचाव करते हुए बोरदोलोई ने कहा, 'हमने कभी नहीं कहा कि एआइयूडीएफ एक सांप्रदायिक पार्टी है। भाजपा की तरह अजमल धार्मिक जहर नहीं फैलाते। एआइयूडीएफ जरूर अपने समुदाय के लोगों को आगे बढ़ाने का प्रयास करती है जो गरीब और कमजोर हैं और यह सांप्रदायिकता नहीं है। उन्होंने कभी हिंदुओं के खिलाफ कुछ नहीं कहा है, कभी मंदिर तोड़ने की बात नहीं कही है।'भाजपा बदरुद्दीन अजमल को भाजपा सांप्रदायिक बताती है। उनकी पार्टी के साथ गठबंधन करने पर भाजपा ने कांग्रेस से भी सवाल किए हैं। 

एआइयूडीएफ मुस्लिम पार्टी नहीं : अजमल

गुवाहाटी, एएनआइ। आल इंडिया यूनाइडेट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआइयूडीएफ) के अध्यक्ष बदरुद्दीन अजमल का कहना है कि उनकी पार्टी कोई मुस्लिम पार्टी नहीं है। उनकी पार्टी में हिंदू और आदिवासी समाज के नेता भी हैं। अजमल ने कहा कि 20 साल पहले एआइयूडीएफ मुस्लिमों की पार्टी हुआ करती थी। अब पार्टी से हिंदू और आदिवासी भी एमपी, एमएलए का चुनाव लड़ते हैं। पार्टी की महिला शाखा की प्रमुख आदिवासी समुदाय से है।

उन्होंने कहा कि हिंदू और आदिवासी हमेशा से उनकी पार्टी का हिस्सा रहे हैं। अजमल ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गठबंधन सत्ता में आया तो सीएए, एनआरसी और डी-वोटर जैसे मुद्दे उसकी प्राथमिकता में होंगे। अजमल ने सीएए को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि इसे असम ही नहीं देश में कहीं भी लागू नहीं किया जाना चाहिए। 

 

Edited By: Arun Kumar Singh