गुवाहाटी [महेश कुमार वैद्य]। असम विधानसभा का प्रथम चरण का चुनाव 27 मार्च को संपन्न हो चुका है। लिहाजा सभी दलों का ध्यान अब 1 अप्रैल व 6 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान पर लगा हुआ है। इन चुनावों में केवल असम के नेताओं या चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की ही प्रतिष्ठा दांव पर नहीं लगी है बल्कि हरियाणा और दिल्ली के उन नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर है जो असम पहुंचकर वहां के कार्यकर्ताओं को "बूथ जीतो चुनाव जीतो" का पुराना मंत्र जपवा रहे हैं।

हरियाणा और दिल्ली के नेताओं ने असम में दिखाया दम

असम पहुंचे भाजपा के अनुभवी नेताओं ने दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचकर बूथ मैनेजमेंट किया है। सांसद संजय भाटिया व नायब सैनी, अरविंद यादव, मनीष ग्रोवर व धुम्मन सिंह किरमिच सहित हरियाणा के 5 नेताओं को जहां असम में लोकसभा स्तर पर प्रभारी बनाया गया है, वहीं 17 नेताओं को विधानसभा स्तर पर जिम्मेदारी दी गई है। विधानसभा स्तर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हरियाणा के नेताओं में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अंबाला निवासी संजय शर्मा, प्रदेश सह प्रवक्ता नारनौल निवासी सत्यव्रत शास्त्री, युवा आयोग के चेयरमैन मुकेश गौड, बाढड़ा के पूर्व विधायक सुखविंदर मांडी, वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में पृथला से चुनाव लड़े सोहनपाल व बादशाहपुर से चुनाव लड़े युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनीष यादव शामिल हैं। दिल्ली की नरेला विधानसभा सीट से चुनाव लड़े नीलदमन खत्री, दिल्ली छावनी से चुनाव लड़े मनीष सिंह व दिल्ली से ही विक्रम बिधूड़ी सहित कई अन्य नेता भी इस टीम का हिस्सा हैं।

मोदी ने भी पढ़ाया था बूथ मैनेजमेंट का पाठ

बूथ मैनेजमेंट भाजपा का पुराना नारा है। राष्ट्रीय महामंत्री रहते हुए मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक जमाने में बूथ मैनेजमेंट का पाठ पढ़ाया था। पीएम सहित तमाम भाजपा नेताओं का जोर अब भी इसी पर रहा है। भाजपा का यह स्पष्ट मत है कि अगर बूथ स्तर पर मुकम्मल तैयारी हो गई तो फिर जीत कोई रोक नहीं सकता।

नौकाओं का ले रहे हैं सहारा

भाजपा नेता सोहनपाल सहित कुछ नेता दुर्गम गांवों तक सुगम पहुंच के लिए नावों का सहारा ले रहे हैं। असम में कार्यकर्ताओं का नौकाओं में बाइक रखकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाना आम है, लेकिन हरियाणा से असम गए नेताओं के लिए यह नया अनुभव है। जागरण से बातचीत में सोहनपाल बताते हैं कि असम में कार्यकर्ता समर्पित भाव से काम करने के लिए तैयार है। बस उन्हें थोड़े से मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन की जरूरत है। मंगलदेई लोकसभा क्षेत्र के प्रभारी अरविंद यादव अपने साथियों के काम की जमकर तारीफ करते हैं। जागरण से बातचीत में कहा कि हमारे साथ युवा और अनुभव के संगम वाली मजबूत टीम है। चाहे मेरे साथ काम कर रहे सोहनपाल हों या युवा नेता मनीष यादव अथवा सुखविंदर।

हमारे पास संजय शर्मा व सत्यव्रत शास्त्री जैसे अनुभवी चेहरे भी हैं। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, संजय भाटिया, नायब सैनी, धुममन सिंह किरमिच व दूसरे साथियों के बारे में भी बताने की जरूरत नहीं है। जिस हिसाब से भाजपा के इन नेताओं ने मेहनत की है, उसे देखते हुए मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि असम में भाजपा पहले से भी बेहतर प्रदर्शन करेगी।

पन्ना प्रमुख तक पहुंच: अरविंद यादव

भाजपा नेता अरविंद यादव ने कहा कि बूथ स्तर पर भी हम अपनी इससे छोटी इकाई तक प्रबंधन कर रहे हैं। हमारी सबसे छोटी इकाई पन्ना प्रमुख की रही है। वोटर लिस्ट में एक पृष्ठ में जितने मतदाता होते हैं, उन तक संपर्क करने की जिम्मेदारी पन्ना प्रमुख की होती है। हमने उन सभी विधानसभा सीटों पर पन्ना प्रमुखों तक सीधा संवाद किया है, जिनकी जिम्मेदारी हमें मिली हुई है। अरविंद ने यह भी कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष के लिए श्रेय लेने का प्रश्न नहीं है, बल्कि हमने एक दूसरे का सम्मान करते हुए असम के कार्यकर्ताओं को अग्रिम पंक्ति में रखकर काम किया है। हम यहां चौधर करने नहीं आए बल्कि चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के मददगार बनने के लिए आए हैं।

इन नेताओं के पास भी है असम में कमान

संगठन की समझ रखने वाले पूर्व मंत्री विपुल गोयल, डेयरी फेडरेशन के पूर्व चेयरमैन जीएल शर्मा, डॉ पवन सैनी, समय सिंह भाटी, मुकेश शर्मा, जवाहर सैनी ललित बत्रा, राजीव जैन, रामअवतार वाल्मीकि, सत्यवान शेरा व मदन चौहान भी हरियाणा की टीम का अभिन्न अंग है।

Edited By: Prateek Kumar