[योगी आदित्यनाथ] उत्तर प्रदेश में 19 मार्च, 2017 को जब भाजपा सरकार का गठन हुआ तो व्यवस्था पटरी से उतरी हुई थी। 2003 से लेकर 2017 तक के 14 वर्षो में प्रदेश विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह कट चुका था। जनता बार-बार व्यवस्था बदल रही थी, लेकिन प्रत्येक व्यवस्था उसके लिए छलावा साबित हो रही थी। 2014 के बाद देश की बागडोर जब नरेंद्र मोदी ने संभाली तो जनता का ध्यान भाजपा की ओर गया।

फलत: उसने 2017 में भाजपा को यूपी में भी समर्थन दिया। जितनी प्रबल जनाकांक्षाएं उतनी ही प्रबल चुनौतियां, लेकिन हमने आगे बढ़कर उन्हें स्वीकार किया और अब ढाई वर्ष बाद यह कहा जा सकता है कि पूरे देश को उत्तर प्रदेश सरकार से जो अपेक्षाएं थीं उन पर वह खरी उतरी है। प्रमाण हैं लोकसभा की 80 सीटों में से 64 पर हमारी जीत। प्रदेश के दोनों प्रमुख क्षेत्रीय दलों ने गठबंधन कर चुनाव लड़ा। उन्हें गलतफहमी थी कि जातिवादी जुमलों से वे जनता को बहकाने में सफल होंगे, लेकिन उनके सपने चूर हो गए।

जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई

भाजपा सरकार के पहले राज्य में गुंडों का बोलबाला था। कमजोर की संपत्ति पर कब्जा और बालिकाओं-महिलाओं के साथ छेड़खानी आम बात थी। पुलिस तंत्र निष्क्रिय हो चुका था। हमने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई और एंटी रोमियो स्क्वॉड बनाए। महिला सशक्तीकरण के लिए वीमेन पावर लाइन-1090 को मजबूत किया, निर्भया फंड का भरपूर उपयोग किया गया। एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स ने सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराते हुए दबंगों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। मैंने अधिकारियों को खुली छूट दी जबकि पहले अधिकारी सत्ता के अराजक तत्वों के इशारों पर काम करने को बाध्य थे। 2017 की तुलना में 2018 में अपराधों में कमी आई।

भ्रष्टाचार पर भी करारा प्रहार

डकैती में 53.7, दुष्कर्म में 35.06, हत्या में 14.05, लूट में 44.5, अपहरण में 30.43 और बलवे में 38.1 प्रतिशत की कमी आई है। मैंने भ्रष्टाचार पर भी करारा प्रहार किया और भ्रष्ट कर्मचारियों को जेल भेजा। प्रदेश में एक जनवरी 2018 से अब तक 75,191 आरक्षियों की भर्ती पारदर्शी तरीके से की गई। पहले पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण पर ध्यान नहीं दिया जाता था। हमने पहली बार वचरुअल क्लास लगाकर उच्च कोटि का प्रशिक्षण दिया। प्रयागराज कुंभ-2019 के सकुशल आयोजन ने विश्व स्तर पर प्रदेश सरकार एवं पुलिस की साख को स्थापित किया।

निवेशकों का ध्यान यूपी पर

कानून एवं व्यवस्था का सीधा संबंध औद्योगिक निवेश से होता है। खराब कानून व्यवस्था के चलते राज्य में उद्योग अंतिम सांसे गिन रहा था, पर जब हमारी सरकार बनी तो निवेशकों का ध्यान यूपी पर गया। जब हमने इन्वेस्टर्स समिट की तो बड़े औद्योगिक घरानों ने 4.68 लाख करोड़ रु. के निवेश प्रस्तावों की झड़ी लगा दी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने जुलाई 2018 में प्रथम ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 62 हजार करोड़ रु. से अधिक की 81 परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

10 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया

दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 65 हजार करोड़ रु. से अधिक की 250 परियोजनाओं का शिलान्यास गृहमंत्री अमित शाह ने किया। एक जनपद-एक उत्पाद के तहत विभिन्न जिलों में 1,91,191 लाभार्थियों को लगभग 18,345 करोड़ रु का कर्ज वितरित किया और 10 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया। हमारी योजना 25 लाख नौजवानों को पांच वर्ष में आर्थिक स्वावलंबन और रोजगार से जोड़ने की है। हम प्रदेश में व्यापक निवेश के जरिये भी 20 लाख नौजवानों को नौकरी-रोजगार देने जा रहे हैं।

चीनी मिलों की क्षमता का विस्तार

हमारी सरकार ने लघु और सीमांत किसानों के एक लाख रुपये तक के ऋण को माफ किया। दैवीय आपदा प्रभावित किसानों को पहली बार 24 से 48 घंटे के अंदर उनकी क्षति की भरपाई की राशि उनके बैंक खाते में डाल दी गई। इन ढाई वषों में रिकॉर्ड गन्ना उत्पादन हुआ और गन्ना किसानों को 73 हजार करोड़ रु. का भुगतान किया गया। चीनी मिलों की क्षमता का विस्तार भी हुआ।

सबसे महत्वपूर्ण विषय गेहूं और धान खरीद का था। यह खरीद पिछली सरकारों ने बिचौलियों के हवाले कर दी थी। हमने इसे बिचौलियों से मुक्त कराते हुए चार गुना अधिक गेहूं खरीद कर तीन दिन में सीधे किसान के बैंक खाते में पैसा भेजा। दलहन, तिलहन और मक्का समर्थन मूल्य घोषित कर उनकी सरकारी खरीद कराई गई। पंजीकृत किसानों को 70 से 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी के कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए।

(लेखक- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं)

 

Posted By: Tanisk

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